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विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित परिचर्चा हुई संपन्न

राजनांदगांव।  लायंस क्लब ऑफ़ नांदगाव द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय विषय युवाओं को सशक्त बनाना और अपने पसंद के आशावादी परिवार की संरचना के लिये लायन सेवा सदन के सभागृह में विचार गोष्ठी शहर के बुद्धीजीवियों एवं प्रबुद्ध जनों की गरिमामय उपस्थिति में मां भारती की पूजा अर्चना के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम प्रभारी लायन अमलेंदु हाजरा ने बढ़ती जनसंख्या, राष्ट्र और पर्यावरण पर प्रभाव को रेखांकित करते हुए विषय को जनमानस के लिये अति महत्वपूर्ण बताते हुए प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से उक्त परिचर्चा का आयोजन बताया। लायन अध्यक्ष प्रमोद बागड़ी ने बढ़ती जनसंख्या को देश के लिए घातक बताया और कहा कि देश के योजना निर्माण के लिए बड़ी चुनौती है वर्तमान परिदृश्य में बच्चें, चाचा, मामा, बुआ और मौसी के रिश्तों से वंचित हो रहे हैं जिससे सामाजिक संरचना विकृत हुई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी.सी. जैन इस आयोजन के लिये लायंस क्लब नांदगांव के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम प्रभारी की प्रशंसा की और उपस्थित सभी बुद्धजीवियों को अति संवेदनशील व्यक्तित्व का धनी बताया और कार्यक्रम की प्रशंसा की। पर्यावरण विद् डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव ने जनसंख्या को गणितीय आंकड़ा बताते हुए कहा कि सारी योजनाएं आंकड़ों पर निर्भर होती है जो देश के विकास और निर्माण के लिये महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की वर्तमान समय में गणित विषय को पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या में बहुत अधिक कमी आई है यदि गणित को बच्चे नहीं समझेंगे तो जनसंख्या पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा विद्यार्थियों का गणित विषय से दूर हटना चिंता का विषय है उन्होने आंकड़े भी प्रस्तुत किये। किसान नेता व समाजसेवी अशोक चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की जनसंख्या समस्त शासकीय योजनाओं एवं संसाधनों को प्रभावित करती है सीमित जनसंख्या देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को बनाए रखने में सार्थक होती है उन्होने १९६५ के अकाल को रेखांकित किया। प्रोफेसर के.के. द्विवेदी ने कहा कि जनसंख्या असंतुलित होने से देश के संसाधनों एवं पर्यावरण को नुकसान होता है हमें बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। जन और संख्या दो शब्दों से मिलकर बना है दोनों ही शब्द देश की दशा और दिशा को इंगित करते है। नांदगांव टाइम्स के प्रधान संपादक अशोक पांडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ दशक पूर्व देश में जनसंख्या का विस्फोट हुआ तब शासन के परिवार नियोजन योजना को समाज के एक बड़े वर्ग ने अपनाया और वे सीमित हो गये, किन्तु उसके विपरीत एक विशेष समुदाय ने इसका विरोध किया और उनकी संख्या में वृद्धि हुई जिससे देश की जनसंख्या असंतुलित हुई। उन्होने यह भी बताया कि वर्ष १९४७ में देश की आबादी ३४ करोड़ थी तथा १९९१ में ८४ करोड़ हुई और वर्तमान में १४० करोड़ के ऊपर पहुंच चूकि है और असंतुलित जनसंख्या देश के लिये बड़ी चुनौती है। समाज सेवी हेमंत तिवारी ने बड़ती जनसंख्या और गुणवत्ता में कमी पर चिंता व्यक्त की शिक्षा, स्वास्थ और संसाधनों पर बड़ते दबाव को भी बताया। नव निर्वाचित पार्षद शैंकी बग्गा ने कहा कि युवाओं के मध्य वैश्विक बाजार में अपने आप को स्थापित करने का बड़ा अवसर है विश्व के अन्य देशों के पास युवा शक्ति क्षीण हुई है देश की युवा शक्ति को योजना बनाकर व सही मार्गदर्शन देकर पूरे विश्व को संचालित किया जा सकता है। सेवानिवृत्त अधिकारी श्री राकेश इंदुभूषण ठाकुर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय स्कूलों की संख्या विगत वर्षों में कम हुई है वही दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ी है। जनसंख्या हमारे देश की ताकत है जिसके संबंध में योजना बनाकर बेरोजगारी शिक्षा, स्वास्थ एवं पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी जी.एस. भाटिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक अनुशासन को दृष्टिगत रखते हुए युवा जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है और राष्ट्र की युवा शक्ति का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिये किया जा सकता है इस अवसर पर नवनिर्वाचित पार्षद शैंकी बग्गा एवं उपस्थित अतिथियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अमलेंदु हाजरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से शैलेन्द्र तिवारी पूर्व निर्देशक खाद्य ग्राम उद्योग, बी.पी. वासनिक पूर्व महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, डॉ. प्रकाश देवांगन, गिरीश ठक्कर, महेश चिरवतकर, उत्तम साहू, जी.एस. भाटिया भी उपस्थिति रहे।