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कर्मचारियों के आने के पहले खुद पहुंच गये कलेक्टर, गेट करवा दिया बंद, 30 से ज्यादा कर्मचारियों पर गिरी गाज

गरियाबंद। सरकारी कार्यालयों में समय पालन को लेकर अक्सर लापरवाही देखने को मिलती है। इसी सिलसिले में गरियाबंद कलेक्टर ने सोमवार को एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए जिला कार्यालय में देर से आने वाले कर्मचारियों पर नकेल कस दी। कलेक्टर सुबह-सुबह खुद कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुँचे और गेट को बंद करवा दिया। नतीजतन, निर्धारित समय से देर से आने वाले कई अधिकारी और कर्मचारी बाहर ही खड़े रह गए।

30 से अधिक कर्मचारी पहुँचे देर से

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को 30 से अधिक कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुँचे। कलेक्टर ने तत्काल उन सभी की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। देर से आने वालों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भी तय किया गया है कि आगे से कर्मचारियों की उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस मशीन से निगरानी

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यालय में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस मशीन से कर्मचारियों की उपस्थिति के आँकड़े जुटाए जा रहे हैं। इससे यह आसानी से पता चल सकेगा कि कौन समय पर पहुँचा और कौन देर से आया। इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कामकाज में अनुशासन और पारदर्शिता लाना है।

पहले भी जता चुके थे नाराज़गी

यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर ने देर से आने वालों पर नाराज़गी जाहिर की हो। इससे पहले भी कई बार उन्होंने बैठक में समय की पाबंदी नहीं बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई थी। लेकिन इस बार उन्होंने खुद गेट पर पहुँचकर स्थिति की निगरानी की और सख्त कदम उठाने का संकेत दिया।

कलेक्टर का सख्त संदेश

कलेक्टर का साफ कहना है कि सरकारी सेवाओं से जनता का सीधा हित जुड़ा होता है। यदि कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुँचेंगे तो जनसामान्य के काम प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अब नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा और देर से आने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिला कार्यालय में कर्मचारियों के बीच खलबली मच गई है। जो कर्मचारी देर से पहुँचे और बाहर रह गए, उनके चेहरों पर स्पष्ट रूप से चिंता झलक रही थी। कई कर्मचारी अब समय पर आने को मजबूर होंगे।