Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मोबाइल पर वीडियो देखते हुए बच्चा खा रहा था मटर, फेफड़े में जा फंसा दाना, 3 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

दुर्ग। जिला दुर्ग के पाटन ब्लॉक के ग्राम पौहा में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सिर्फ 3 साल का मासूम सिद्धार्थ बालकिशोर साहू मोबाइल पर वीडियो देखते हुए मटर खा रहा था, तभी एक अनजाने पल में वह हादसे का शिकार हो गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ अपने चाचा के साथ घर में खेल रहा था। वह मटर के दाने खा रहा था और एक साथ मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। उसी दौरान चाचा ने जब अचानक मोबाइल छीन लिया, तो सिद्धार्थ घबरा गया और तेजी से सांस खींचने की कोशिश में एक मटर का दाना उसके गले में फंस गया।

दुर्भाग्यवश, वह दाना सीधे उसके फेफड़ों में चला गया, जिससे सिद्धार्थ की सांसें बंद हो गईं। परिवार ने तुरंत बच्चे को स्थानीय अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांव में मातम पसरा हुआ है। जामगांव आर थाना क्षेत्र में इस घटना की सूचना दी गई, जहां से पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को खाते समय मोबाइल या अन्य कोई ध्यान भटकाने वाला उपकरण नहीं देना चाहिए। 2 से 5 वर्ष की उम्र में बच्चे तेजी से सांस लेते हैं, और खाना या कोई भी छोटी चीज गले में अटक सकती है, जिससे गंभीर श्वसन संकट उत्पन्न हो सकता है।