Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

छत्तीसगढ़ में सागौन तस्करों के हौसले बुलंद, जंगल से बड़ी संख्या में काटे गए पेड़, DFO ने फॉरेस्ट गार्ड को किया निलंबित, जांच टीम भी गठित

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के जंगलों में इन दिनों सागौन तस्करों के हौसले बुलंद हैं. आलम यह है कि पिथौरा वन परिक्षेत्र के जम्हर जंगल में तस्करों ने जमकर तांडव मचाया और एक-दो नहीं, बल्कि 60 से अधिक कीमती सागौन के पेड़ों को काटकर ले गए. मामले में DFO ने फील्ड पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है और सघन जांच के लिए टीम गठित कर दिया है.

बता दें कि सागौन की लकड़ी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत रखती है. इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटना और जिम्मेदारों को भनक तक न लगना, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर पर्दे के पीछे लकड़ी माफिया और विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत है? अब तक विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि लकड़ी काटकर कहां खपाई गई है.

वन विभाग पर उठे सवाल

मामला गर्म होने के बाद महासमुंद वन मंडल अधिकारी (DFO) मयंक पांडे ने अवैध कटाई की पुष्टि की है. उन्होंने सघन जांच और छापेमारी की बात कहते हुए फील्ड में तैनात फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या केवल एक फॉरेस्ट गार्ड ही इसके लिए जिम्मेदार है?

सिस्टम की नाकामी पर बड़े सवाल:

  • जब इतनी बड़ी कटाई हो रही थी, तब डिप्टी रेंजर और रेंजर स्तर के अधिकारी कहां थे?
  • क्या इलाके में नियमित गश्त और मॉनिटरिंग केवल कागजों तक सीमित है?
  • क्या सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश की जा रही है?

जांच का आश्वासन

DFO मयंक पांडे ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इलाके में रेड डाली जा रही है. हालांकि, जंगल की उजड़ी हुई तस्वीरें चीख-चीख कर सिस्टम की नाकामी बयां कर रही हैं. अगर समय रहते निगरानी होती, तो शायद इन बेशकीमती पेड़ों को माफिया की कुल्हाड़ी से बचाया जा सकता था.