Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

स्कूलों में युक्तियुक्तकरण का शिक्षक संघ ने किया विरोध… आंदोलन की तैयारी

रायपुर।    स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के स्कूलों व शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर दिशा-निर्देश व समय सारणी का आदेश समस्त कलेक्टरों के लिए जारी किया है. जिसको लेकर प्रदेश में फिर से बवाल मचने की संभावना है. क्योंकि इस निर्देश का शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध किया है.

शालेय शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने बयान जारी कर कहा कि यह स्कूलों, छात्रों, पालकों और शिक्षकों के साथ अन्याय है. उनका कहना है कि स्कूल व शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए जिन मापदंडों को तय किया गया है, वह वहीं 2 अगस्त 2024 का पुराना आदेश है, जिसका मुखर विरोध शिक्षक संगठनों ने किया था.

युक्तियुक्तकरण के पूर्व में जारी निर्देशों और मापदंडों पर तथ्यात्मक बहुत सारे सुझाव भी दिए थे. हालांकि तब यह प्रक्रिया सत्र के मध्य होने से अफरा-तफरी मच जाने की आशंका से स्थगित कर दी गई थी, परन्तु अब एक बार इसे प्रारंभ किया जा रहा है.

वीरेंद्र दुबे ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर स्कूलों के सेटअप से छेड़छाड़ किया जा रहा है. शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना अवश्य करना चाहिए पर स्कूलों के सेटअप से छेछड़ कर प्राथमिक की 5 कक्षा के लिए प्रधानपाठक और एक शिक्षक से कैसे शिक्षा में गुणवत्ता आ सकती है ? और पांच अलग-अलग कक्षा को जब केवल 2 शिक्षक संभालेंगे तो नौनिहालों व बच्चों की सुरक्षा व निगरानी अहम विषय होगी. युक्तियुक्तकरण के लिए जो मापदंड अपनाने हेतु आदेश जारी हुआ है वह अव्यवहारिक है, बच्चों की उचित शिक्षा व शिक्षकों पर कुठाराघात है. शालेय शिक्षक संघ समेत अन्य शिक्षक संगठनों व पालक संगठनों से पूर्व में जो सुझाव युक्तियुक्तकरण के लिए दिया गया था, उसे लगता है विभागीय हठधर्मिता की वजह उन सुझावों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है, क्योंकि जारी दिशा-निर्देश वही पुराना आदेश है, जिस पर पहले बवाल मच चुका है. ऐसे में हमारी मांग है कि संघ की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल किया जाए.

बता दें कि छत्तीसगढ़ में स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया है. इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है. विभाग द्वारा संशोधित समय-सारणी भी जारी की गई है, जिसके अनुरूप युक्तिकरण की कार्रवाई होगी.

जारी आदेश में विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता बच्चों की संख्या के अनुपात में सुनिश्चित की जानी चाहिए. वर्तमान में प्रदेश की कई शालाओं में सैकड़ों शिक्षक अतिशेष हैं, जबकि कई शालाएं शिक्षक विहीन या एकल शिक्षक प्रणाली पर निर्भर हैं. इस स्थिति में सुधार के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण छात्रहित में उचित बताया गया है.