Special Story

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

शिक्षक नहीं एजेंट: स्कूलों में पढ़ाना छोड़ नेटवर्क मार्केटिंग एजेंट बने शिक्षक, बच्चों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़…

आरंग। प्रदेश में शासकीय शिक्षकों के नेटवर्क मार्केटिंग एजेंट बनने की लगातार खबरों के बीच आरंग में भी यह संक्रमण फैलता जा रहा है. स्कूल में बच्चों को पढ़ाना छोड़ कर ये लापरवाह शिक्षक नेटवर्क मार्केटिंग का एजेंट बनकर इसके फायदे बता रहे है. 

जानकार बताते हैं कि आरंग के कई शिक्षक विभाग को बिना जानकारी के मुख्यालय छोड़ कर नेटवर्क मार्केटिंग वाली कंपनियों के सेमिनार और पार्टी में शामिल हो रहे है. ऐसे में स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इस संक्रमण की चपेट में आए आरंग क्षेत्र में कई शिक्षक अपने नेटवर्क मार्केटिंग की फोटो सोशल मीडिया में अपलोड करते है.

सेहत से जुड़े कई कंपनियों में लाभ कमाने के लालच में ये शिक्षक स्कूली बच्चों के अभिभावकों को भी नेटवर्क मार्केटिंग, कंपनियों से जुड़ने के लिए बच्चों के माध्यम से दबाव बना रहे हैं. दूसरी ओर स्कूल के सफाई कर्मचारियों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोइयों को भी नहीं छोड़ रहे हैं. सभी को अपनी कंपनी को जोड़ कर अच्छा खासा कमीशन और टूर पैकेज पा रहे है.

ऐसा मामला सबसे पहले रायगढ़ जिले में सामने आया, तब वहां के डीईओ ने पत्र जारी कर शिक्षकों को सख्त हिदायत दी थी. इसका असर तो कुछ हुआ नहीं, बल्कि प्रचार-प्रसार होने से जांजगीर और बिलासपुर जिले से भी ऐसी जानकारी सामने आई.अब आरंग में भी इस तरह की जानकारी आ रही है. अब देखने वाली बात है कि ऐसे एजेंट शिक्षकों पर शिक्षा विभाग कब कार्रवाई करता है.