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March 9, 2026

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आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित आबकारी नीति पर लायसेंसियों से आमंत्रित किए गए सुझाव

रायपुर। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग की प्रस्तावित नीति को लेकर सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. शंगीता द्वारा विभाग से संबद्ध समस्त लायसेंसियों की बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें 13, 14 और 15 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुईं।

बैठकों का उद्देश्य आगामी नीति निर्माण से पूर्व उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से व्यवहारिक सुझाव प्राप्त कर नीति को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यावहारिक बनाना था।

पहली बैठक दिनांक 13 अक्टूबर को प्रदेश में स्थापित आसवनी एवं बॉटलिंग इकाई के संचालकों/प्रतिनिधियों के साथ हुई, जिसमें आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस, काउंटरवेलिंग ड्यूटी, देयकों के ऑनलाइन भुगतान, नवीन बोतलों के उपयोग तथा भंडारण भंडारगार के अवकाश दिवसों में संचालन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

दूसरी बैठक 14 अक्टूबर को प्रदेश के बाहर स्थित विदेशी मदिरा निर्माताओं और प्रदायकर्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की गई। इसमें काउंटरवेलिंग ड्यूटी, हैंडलिंग चार्ज, आयात-निर्यात शुल्क, बॉटलिंग फीस, लाइसेंस फीस और विदेशी मदिरा गोदामों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

तीसरी बैठक 15 अक्टूबर को बार और क्लब संचालकों एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ हुई। इस दौरान बार/क्लब हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजी), लाइसेंस फीस, विभिन्न रेंज की मदिरा बिक्री, संचालन समय तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

आबकारी सचिव शंगीता ने बताया कि तीनों बैठकों में उपस्थित लायसेंसियों से प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बार नीति, अहाता नीति तथा मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन से संबंधित निर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा।