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पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार…

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

केआर टेक्निकल कॉलेज के छात्रों ने देखा 5 सितारा प्रमाणित पीईकेबी खदान, वनीकरण के तहत लगाए गए 12.76 लाख पेड़ों की ली जानकारी और पौधारोपण भी किया

उदयपुर।    अम्बिकापुर स्थित केआर टेक्निकल कॉलेज से करीब 50 विद्यार्थियों और शिक्षकों का समूह सोमवार को अपने शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश की एक मात्र निजी 5 सितारा प्रमाणित परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी ) खदान पहुंचा। यहां उन्होंने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की पीईकेबी खदान के हरित खनन के लिए आधुनिक तकनीक से की जा रही खनन को व्यू पॉइंट से देखा और अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। छात्रों के समूह ने पीईकेबी खदान में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए खनन उपरांत 450 हेक्टेयर भूमि में चल रहे वनीकरण क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां वे सभी वनीकरण अभियान के तहत लगाए गए 12.76 लाख से ज्यादा पेड़ों से तैयार किए गए घने जंगल और नर्सरी को करीब से देखा। इस दौरान सभी छात्रों ने खनन के बाद पुनः प्राप्त नए भूमि पर साल, हर्रा, बीजा, खम्हार इत्यादि प्रजाति के पौधों को भी लगाया।

सभी विद्यार्थियों ने खदान में चलाए जा रहे वृहद वनीकरण को देखने के पश्चात अचंभित महसूस किया। इस दौरान छात्रा सुधा यादव ने कहा, “यहां आने से पहले हमें यह लगता था कि खदान में सिर्फ पेड़ों को काटा ही जाता है लेकिन आज हमें पता लगा कि यहां काटने से कई गुना ज्यादा पौधों को रोपित किया गया है, जो कि अब पेड़ों की शक्ल ले चुके हैं। साथ ही इस क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एहसास भी बेहद कम हुआ।“ खदान भ्रमण के पश्चात सभी ग्राम साल्ही में अदाणी विद्या मंदिर भी गए और वहां पढ़ रहे आदिवासी बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं तथा आधुनिक पद्धति की लैब, स्मार्ट क्लासेस इत्यादि के बारे में जाना।

आरआरवीयूएनएल ने ढांचागत विकास की इसी श्रंखला में खदान के पास के 14 गावों की बड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों में मरम्मत तथा बाला पेंटिंग, अतिरिक्त कक्षाओं और पक्के शौचालयों का निर्माण, गांव में सड़क निर्माण एवं यात्री प्रतीक्षालयों के मरम्मत तथा सौंदरीकरण इत्यादि के कार्य शामिल हैं। खदान विकास और संचालक अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज द्वारा राजस्थान के आठ करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए खनन के अलावा अदाणी फाउंडेशन द्वारा सामाजिक सरोकारों के अनेक कार्यक्रम चलाए जाते हैं।