Special Story

सरकार ने जारी की निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पद की सूची, देखें पूरी लिस्ट…

सरकार ने जारी की निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पद की सूची, देखें पूरी लिस्ट…

ShivApr 2, 20252 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने निगम, मंडल, बोर्ड और…

प्रदेश में संपत्ति कर जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक कर सकते हैं भुगतान

प्रदेश में संपत्ति कर जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक कर सकते हैं भुगतान

ShivApr 2, 20251 min read

रायपुर।   साय सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में…

April 3, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हड़ताली सचिवों ने दी आत्मदाह की वार्निंग : सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी ग्राम पंचायत सचिव हड़ताल पर, नियमितीकरण के लिए उठा रहे आवाज

तखतपुर। मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने पर प्रदेश पंचायत सचिव संघ के तत्वाधान में पिछले 5 दिनों प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव काम बंद कलम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदेश सचिव संघ ने केंद्र सरकार के दो साल के भीतर नियमितीकरण के वादे को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देकर आवाज उठा रहे. सरकार के अल्टीमेटम के बाद भी तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश की कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही। प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक जायसवाल समेत सचिवों ने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी।

राज्य सरकार के आदेश की कॉपियों को आज तखतपुर सचिव संघ के धरना स्थल में जलाकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सचिवों ने अपना विरोध जताया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर हमारी मांग एक अप्रैल तक पूरी नहीं होती है तो हम मंत्रालय का घेराव करेंगे। इसके बाद भी हमारी मांग पूरी नहीं होती तो आमरण अनशन करेंगे. आमरण अनशन में भी मांग पूरी नहीं होती है तो आत्मदाह करेंगे। हम सरकार की इस दमनकारी नीति के सामने घुटने टेकने वाले नहीं है।

ग्राम पंचायतों में काम ठप, योजनाओं का लाभ लेने भटक रहे ग्रामीण

सचिवों के हड़ताल के कारण केंद्र एवं राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन ठप हो गया है। पंचायतों में ग्रामीण जन्म, मृत्यु , प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, राशन कार्ड जैसे शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं। पंचायत सचिवों के काम बंद कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल से पंचायतों में सभी तरह के कार्य ठप पड़े हैं. ग्रामीणों को काम कराने सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है।

सरकार के आदेश की जलाई कॉपियां

पंचायत सचिवों के हड़ताल को लेकर राज्य सरकार हरकत में आई और सचिवों की मांग तो पूरी नहीं हुई लेकिन उनके इस हड़ताल को खत्म करने के लिए पत्र जारी किया गया है. पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि प्रदेश के सभी सचिव 24 घंटे के भीतर काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश सरकार की इस दमन कारी आदेश की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश सचिव संघ के जिला अध्यक्ष श्याम कार्तिक और तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ ने राज्य सरकार के आदेश कॉपियां जलाई और अपनी मांगों को लेकर हड़ताल खत्म नहीं करने की बात कही।

29 विभाग के काम करते हैं ग्राम पंचायत : ब्लॉक अध्यक्ष

इस मामले में तखतपुर ब्लॉक सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष तुलसी ध्रुव ने बताया कि सचिव 29 विभाग के 200 से अधिक प्रकार के कार्य करते हैं। अगर सचिव का काम बंद करता है तो इसका प्रभाव ग्राम पंचायतों में साफ तौर पर दिखता है. ग्राम पंचायतों के मूलभूत राशन, पेंशन, जन्म, मृत्यु, आवास, निर्माण, पेयजल ऐसे अनगिनत कार्य सचिवों के हड़ताल से रुक जाते हैं। हम अपनी नियमतिकरण की मांग को लेकर प्रदेश के 11 हजार से अधिक सचिव हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में पड़ रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।