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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन व स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल के कुशल नेतृत्व में डिजिटल सुशासन की ओर बढ़ते कदम

रायपुर।    छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए ‘औषधि दर्पण’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) द्वारा विकसित यह ऐप दवा आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने, निगरानी को मजबूत करने और वितरण व्यवस्था को वास्तविक समय (रियल-टाइम) में संचालित करने हेतु तैयार किया गया है।

‘औषधि दर्पण’ ऐप को ड्रग प्रोक्योरमेंट एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (DPDMIS) के अंतर्गत डिज़ाइन किया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से अब राज्य के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, उनकी मांग, शिपमेंट, वितरण और भंडारण की स्थिति का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। ऐप का उपयोग मोबाइल, टैबलेट या डेस्कटॉप किसी भी उपकरण पर संभव है, जिससे अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने में सहूलियत होती है और स्वास्थ्य सेवा अधिक लचीली बनती है।

ऐप की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग क्षमता, जिससे दवाओं के स्टॉक का निरंतर मूल्यांकन किया जा सकता है। यह न केवल किसी भी प्रकार की कमी या अधिकता से बचाता है, बल्कि समय पर आवश्यक दवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त, ऐप के माध्यम से दवाओं की समाप्ति तिथि की भी निगरानी की जाती है और आवश्यकतानुसार उनका पुनर्वितरण संभव होता है, जिससे दवाओं की बर्बादी को रोका जा सके।

गौरतलब है कि ऐप में जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली एकीकृत की गई है, जिससे दवा वितरण वाहनों की निगरानी भी संभव हो गई है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि दवाएं दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक भी सही समय पर पहुँचे। लॉजिस्टिक्स की निगरानी अब राज्य के केंद्रीय गोदामों से लेकर अंतिम डिलीवरी तक की जा रही है।

‘औषधि दर्पण’ ऐप में एक राज्य स्तरीय निगरानी मॉड्यूल भी है, जिससे सभी स्तरों – राज्य, ज़िला, संभाग, निदेशालय और स्थानीय संस्थानों – पर एकीकृत आंकड़ों के आधार पर रणनीतिक निर्णय लिए जा सकते हैं। इससे शासन प्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को बल मिलता है।

इस तकनीकी नवाचार के सामाजिक प्रभाव भी उल्लेखनीय हैं। अब आम जनता को आवश्यक दवाएं समय पर प्राप्त हो रही हैं। डॉक्टर और फार्मासिस्ट अब दवा प्रबंधन की चिंताओं से मुक्त होकर सेवा गुणवत्ता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और भरोसेमंद दवा आपूर्ति एक बड़ी उपलब्धि है।

सीजीएमएससीएल की प्रबंध निदेशक पद्मिनी भोई ने कहा, “‘औषधि दर्पण’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो छत्तीसगढ़ की दवा आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। रियल-टाइम डेटा के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर पा रहे हैं कि दवाएं समय पर हर जरूरतमंद तक पहुँचे। इससे जनविश्वास भी और मजबूत हुआ है।”

यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है और इसे राज्य भर के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लागू कर दिया गया है। आमजन या अधिकारी अधिक जानकारी के लिए https://dpdmis.in पोर्टल पर भी जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में एक आदर्श उदाहरण है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकती है।