Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सिद्ध चक्र महामंडल विधान सिद्ध बनने का एक अभूतपूर्व अवसर :– ब्रम्हचारी विजय भईया (गुणायतन)

रायपुर।  श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पंचायत ट्रस्ट मालवीय रोड में चल रहे 8 दिवसीय श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ के दूसरे सिद्ध भक्ति में डूबा बड़े मंदिर का जिनालय ट्रस्ट कमेटी के ट्रस्टी सनत कुमार जैन एवं कमेटी के उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया की आज दिनाक 18/3/2024 सोमवार को प्रतिदिन की तरह सर्वप्रथम जिनालय में विराजमान श्री जी का अभिषेक स्वर्ण कलशो से सुबह 7 बजे किया गया साथ ही चमत्कारिक रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता वृहद शांतिधारा की गई आज की शांति धारा करने का सौभाग्य महेंद्र कुमार सनत कुमार मनीष कुमार चूड़ी वाले परिवार एवं विवेक जैन कैलाशपुरी परिवार को प्राप्त हुआ शांतिधारा पश्चात श्री जी आरती की गई तत्पश्चात श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अर्घ्य चढ़ाए गए आज के विधान में गुणायतन से पधारे ब्रम्हचारी विजय भईया ने अपने वक्तव्य में बताया की सिद्ध चक्र महामंडल विधान सिद्ध बनने का एक अभूतपूर्व अवसर होता है यह विधान फाल्गुन, कार्तिक और आषाढ़ के अंतिम आठ दिन अष्टमी से पूर्णिमा तक यह पर्व आता है। इन आठ दिनों में सिद्धों की यह विशेष आराधना के लिए सिद्धचक्र विधान किया जाता है।

जिस प्रकार मैना सुंदरी जिन्होंने सिद्धों की आराधना कर अपने पति श्रीपाल के असाध्य रोग का निवारण किया था श्रीं सिद्ध चक्र महामंडल विधान जो की न की सिर्फ शारीरिक रूप अपितु अनंतकाल से लगे हुए जन्म जरा मृत्यु जैसे रोग का निवारण सिद्धों की भक्ति से संभव है हम सब मिल कर के इस भक्तिमय आराधना में अपने श्रद्धा रूपी अर्घ्य समर्पित करे जहा एक ओर प्रतिदिन दोगुने अर्घ्यो के माध्यम से सिद्धों की आराधना की जा रही है वही दूसरी ओर हम अपने अंदर निर्मल परिणामों को वृद्धगत करते आज के इस श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ में सकल जैन समाज के श्रावक गण धर्म प्रेमी बंधु एवं ट्रस्ट कमेटी व कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित थे।