31 लाख के फर्जीवाड़े में शिवा की मंगेतर रितु गिरफ्तार
सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में संगठित ठगी और बैंकिंग धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। होल्ड किए गए बैंक खाते से फर्जी दस्तावेजों के सहारे 31 लाख रुपये की अवैध निकासी किए जाने के मामले में सरसीवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुख्यात महाठग शिवा साहू की कथित मंगेतर रितु साहू, उसके पिता चंद्रहास साहू और शिवा साहू का सहयोगी डिगम जोल्हे शामिल हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है.
दरअसल, यह मामला रायकोना निवासी कुख्यात ठग शिवा साहू से जुड़ा हुआ है, जिस पर लोगों को उनकी जमा रकम को ढाई गुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। शिवा साहू के खिलाफ पहले से ही कई प्रकरण दर्ज हैं और वह जिले ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी ठगी के बड़े नेटवर्क का संचालन करता रहा है। पुलिस जांच में शिवा साहू की करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति, सोना-चांदी, नकदी और बैंक खातों का खुलासा हुआ था, जिसके बाद उसके कई खातों को होल्ड किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि शिवा साहू के होल्ड किए गए बैंक खाते से उसकी कथित मंगेतर रितु साहू के खाते में संदिग्ध तरीके से रकम ट्रांसफर की गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने रितु साहू के खाते को भी होल्ड कर दिया। इसके बावजूद आरोपियों ने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम को चकमा देने के लिए एक नई साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस के फर्जी लेटर पैड और नकली सील का इस्तेमाल कर बैंक अधिकारियों को गुमराह किया। इसी फर्जीवाड़े के जरिए सारंगढ़ स्थित HDFC बैंक शाखा में फर्जी तरीके से खाता खुलवाया गया और होल्ड खाते से करीब 31 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। इस राशि में से लगभग 10 लाख रुपये सारंगढ़ के HDFC बैंक से और करीब 21 लाख रुपये बिलाईगढ़ क्षेत्र से निकाले जाने की पुष्टि हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरसीवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। इसके आधार पर पुलिस ने रितु साहू, उसके पिता चंद्रहास साहू और डिगम जोल्हे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों की भूमिका को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित अपराध का हिस्सा है और इसमें बैंकिंग प्रक्रिया की खामियों का भी दुरुपयोग किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी लेटर पैड और सील कहां से तैयार की गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या बैंक कर्मी की संलिप्तता तो नहीं है।






