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March 9, 2026

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चौपाटी की शिफ्टिंग पर लगा ब्रेक, रेलवे ने दुकानदारों को नोटिस किया जारी

रायपुर। राजधानी की एनआईटी रोड स्थित चौपाटी को आमानाका ओवरब्रिज के नीचे शिफ्ट करने की योजना एक बार फिर विवादों में फंस गई है. रेलवे ने रेलवे चौपाटी स्थानांतरित जिस स्थान पर अपनी जमीन बताते हुए वहां मौजूद गुमटी और ठेले संचालित करने वाले दुकानदारों को 7 दिन के भीतर जगह खाली करने का नोटिस दे दिया है. इस कार्रवाई से न केवल अस्थायी दुकानदारों, बल्कि ब्रिज के नीचे लंबे समय से दुकान चला रहे 32 मैकेनिक दुकानदारों पर भी संकट मंडराने लगा है.

रेलवे ने इन्हें भी नोटिस जारी किया है. दुकानदारों का कहना है कि चौपाटी शिफ्टिंग पहले ही विलंब से चल रही थी और अब रेलवे नोटिस से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. इस मामले में महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया है कि रेलवे द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद फिलहाल चौपाटी शिफ्टिंग की प्रक्रिया रोक दी गई है. उन्होंने बताया कि नगर निगम इस मुद्दे पर रेलवे प्रशासन से बातचीत कर समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करेगा.

नालंदा-2 के निर्माण की तैयारी

रायपुर में करीब 10 करोड़ की लागत से विकसित की गई चौपाटी को लेकर शुरू से विवाद रहा है. पूर्व विधायक राजेश मूणत ने इसके निर्माण का विरोध किया था. 2023 में भाजपा सरकार के आने के बाद नगर निगम ने चौपाटी हटाकर वहां नालंदा-2 पुस्तकालय और अध्ययन केंद्र बनाने की योजना बनाई, जिस पर तेजी से काम भी शुरू हुआ. नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख भी तय कर दी गई. लेकिन इससे पहले ही रेलवे ने आमानाका ओवरब्रिज के नीचे बैठने वाले 32 दुकानदारों को नोटिस थमा दिया और जमीन पर अपना मालिकाना हक जता दिया. इसने चौपाटी शिफ्टिंग और नालंदा-2 के निर्माण पर अनिश्चितता पैदा कर दी है.

निगम ने नहीं दी कोई आधिकारिक सूचना : रेलवे 

चौपाटी शिफ्टिंग को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अब रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस जगह पर नगर निगम चौपाटी को स्थानांतरित करना चाहता था, वह जमीन रेलवे की है और इस संबंध में निगम ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से चौपाटी शिफ्टिंग को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई. साथ ही रेलवे पहले से ही इस जमीन पर पार्किंग विकसित करने की योजना बना चुका है. रेलवे ने कहा है कि जिस जमीन पर अब अस्थायी दुकानदार और गुमटी वाले बैठ चुके हैं, वहां से कब्जा हटाना ही पड़ेगा. इसी कारण 7 दिन में जगह खाली करने का नोटिस जारी किया गया है.

रेलवे से करेंगे बात : महापौर

रायपुर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि चौपाटी को ब्रिज के नीचे शिफ्ट करने को लेकर रेलवे की ओर से दुकानदारों और गुमटियों में नोटिस चस्पा करने की जानकारी मिली है. इस पूरे मामले में रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालेंगे फिर शिफ्ट करेंगे.