Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

वक्फ बोर्ड कानून पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का बयान, कहा- मोदी समझदार वाले नेता हैं, सोच-समझकर फैसले लेते हैं

रायपुर।  पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बीते दो दिनों से रायपुर प्रवास पर हैं. यहां पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं और सोच-समझकर फैसले लेते हैं. मुस्लिम समुदाय को धन और संपत्ति की कमी न हो, इसके लिए उन्हें वक्फ बोर्ड के माध्यम से सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को सबके लिए बराबर देखा जाए.

वहीं धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सही से समझ लिया जाता, तो धर्मांतरण जैसी समस्या कभी उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का सीधा अर्थ हिंदू धर्म को समाप्त करना है और यह हिंदुओं की दुर्बलता का परिणाम है.

शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए हैं, जिन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की भावना से अन्य क्षेत्रों के मुसलमानों को बसाने का कार्य किया. उन्होंने राजनीति को सत्ता का लोभ बताते हुए कहा कि आज के कई राजनेताओं को राजनीति की सही परिभाषा तक नहीं मालूम. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को दूषित करार दिया और इसे सुधारने की आवश्यकता जताई.