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हिंदी दिवस पर संगोष्ठी, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति संस्थान और जिला प्रशासन रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में घड़ी चौक स्थित टाउन हॉल में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशा तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट संस्कृति का संचालन किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रायपुर जिले की संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देना, इस क्षेत्र में कार्यरत प्रतिभाओं को सम्मानित करना और उन्हें एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इसके तहत नियमित कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टाउन हॉल में आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में नगर पालिक निगम आयुक्त विश्वदीप शामिल हुए। हिंदी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल कमल ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान हिंदी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा भी उपस्थित रहे। विषय प्रस्तावना डॉ. सुशील त्रिवेदी पूर्व आईएएस एवं संपादक, छत्तीसगढ़-मित्र ने प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में संपादक, सद्भावना दर्पण गिरीश पंकज औ प्रमुख, घरौंदा परियोजना एवं बायोडायवर्सिटी एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च सेंटर राहुल कुमार सिंह उपस्थित रहे।

इस अवसर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने कहा कि मुझे पुस्तकों के अध्ययन का विशेष शौक है। यात्रा के दौरान भी मैं किताबें पढ़ने का समय निकालता हूँ, जिससे ज्ञानवर्धन होता है। आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित करते हुए शशांक शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और शिक्षा व्यवस्था में इसके महत्व को समझाना आवश्यक है। पहले स्कूलों में बच्चों को इमला लिखाया जाता था, जो अब बंद हो गया है। हमें इसे पुनः आरंभ करना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन आधुनिकता अपनाते हुए हमें अपनी मौलिकता और भाषा से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए।

हिंदी दिवस के अवसर पर तीन पुस्तकों का विमोचन किया गया – न्यूर्लिंग्विस्टिक्स – डॉ. गोपाल कमल, लार्ज लैंग्वेज मॉडल – डॉ. सुधीर शर्मा, यथार्थ जीवन – स्वयंप्रकाश सातकर.

कार्यक्रम में आकाशवाणी की समाचार वाचिकाओं सहित साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत कई विद्वानों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुधीर शर्मा (महासचिव) ने किया। संयोजक के रूप में डॉ. सुरेश शुक्ल (कोषाध्यक्ष), श्रीमती शकुंतला तयर और डॉ. सीमा निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर एसडीएम रायपुर नंदकुमार चौबे, निगम उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।