Special Story

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

बालोद/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

एंटी नक्सल ऑपरेशन के बीच सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता, 8 लाख की ईनामी महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के बीच सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। नगरी एरिया कमेटी की सचिव और कुख्यात महिला नक्सली जानसी ने सोमवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। जानसी पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। उसके आत्मसमर्पण से नक्सल संगठन को बड़ा झटका माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जानसी वर्ष 2005 में नक्सली संगठन की जनमिलीशिया से जुड़ी थी। समय के साथ उसकी पदोन्नति होती गई और वह नगरी एरिया कमेटी की सचिव बन गई। लगभग 20 वर्षों तक वह संगठन में सक्रिय रही और कई नक्सली घटनाओं में उसकी सीधी भूमिका रही है। वह अक्सर अपने साथ एसएलआर रायफल लेकर चलती थी और क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को संचालित करती थी।

जानसी की निजी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उसका पति और वरिष्ठ नक्सली सत्यम गावड़े जनवरी में भालूडिग्गी में हुए मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद से जानसी मानसिक तनाव में थी और संगठन से मोहभंग हो गया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जानसी ने गरियाबंद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे घर वापसी और पुनर्वास अभियान से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उसने स्वीकार किया कि हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की खुशहाल जिंदगी देखकर उसे प्रेरणा मिली और उसने भी मुख्यधारा में लौटने का मन बनाया।

हाल ही में सुरक्षा बलों ने इसी क्षेत्र में 10 नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया था और लगभग माहभर पहले 4 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाई से नक्सल संगठन का नेटवर्क कमजोर पड़ता जा रहा है।

गरियाबंद पुलिस ने बताया कि जानसी के आत्मसमर्पण के बाद उसे सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं और योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। पुलिस ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण से न केवल नगरी एरिया कमेटी की गतिविधियां कमजोर होंगी बल्कि क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। सुरक्षा बलों का मानना है कि आने वाले समय में और भी नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं।

लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन और पुनर्वास अभियानों के चलते गरियाबंद जिला लाल आतंक से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।