Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

एससी-एसटी वर्ग के लोगों को संवेदनशीलता के साथ शासन की योजनाओं से करें लाभान्वित: मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर।    आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम में आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय भवन महानदी में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आदिवासी उप-योजना एवं अनुसूचित जाति उप-योजना मद से स्वीकृत कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरकार के मंशानुरूप अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा इन वर्गो के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। इन वर्गो की भलाई और अनुसूचित जनजाति उप-योजना क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त बजट दिया जाता है। बजट के प्रावधान के अनुरूप विकास एवं निर्माण कार्यो को समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराना हम सब की जिम्मेदारी है।

मंत्री श्री नेताम ने उप-योजना क्षेत्रों में कतिपय कारणों से कहीं-कहीं अधूरे अथवा लंबित निर्माण एवं विकास के कार्यो को लेकर चिंता जताई और कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को उप-योजना क्षेत्रों के विकास के लिए स्वीकृत सभी कार्यो को तेजी से पूरा कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 65 प्रतिशत क्षेत्र अनुसूचित जनजाति उप-योजना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। राज्य के 1100 से अधिक गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य तथा 4000 से अधिक गांव अनुसूचित जनजाति बाहुल्य वाले है। इन क्षेत्रों तथा यहां के लोगों के उत्थान के लिए बीते 3 सालों में लगभग एक लाख करोड़ रूपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। समय सीमा में बजट का शतप्रतिशत उपयोग हो और इसका लाभ उन लोगों को मिले जिसके लिए यह राशि प्रावधानित है। मंत्री श्री नेताम ने उप-योजना क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण के कार्यो की सतत् मानिटरिंग एवं समीक्षा के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।मंत्री श्री नेताम ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की गई है। इसको साकार करने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति एवं कमजोर वर्ग के लोगों का उत्थान तथा अनुसूचित जनजाति उप-योजना क्षेत्र का समग्र विकास जरूरी है। उन्होंने विकास विभाग के अधिकारियों को जनसंख्या के अनुपात में बजट में राशि का प्रावधान किये जाने की बात कही।प्रमुख सचिव आदिमजाति कल्याण विभाग सोनमणि बोरा ने सभी विकास विभाग के अधिकारियों को उप योजना क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य योजना बनाते समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिये कि, जो भी काम उप-योजना मद के तहत प्रस्तावित किये जाये वह लोगों के लिए लाभाकारी और उपयोगी हो। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार तथा जनकल्याण के लिए नवीन योजनाओं का प्रस्ताव देने को कहा ताकि उसे बजट में शामिल किया जा सके। बैठक में उप-योजना मद से विभागों को प्रदत्त आबंटन तथा स्वीकृत कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, सचिव-सह-आयुक्त आदिमजाति कल्याण विभाग नरेंद्र दुग्गा, सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र के संचालक पी.एस. एल्मा सहित सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।