Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए “कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना” के लिये 919 करोड़ 94 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

भोपाल।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुबंधित एजेंसी से सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की महती आवश्यकता के दृष्टिगत प्रो-रेटा आधार पर “कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना” लागत राशि 919 करोड़ 94लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

उल्लेखनीय है कि उज्जैन जिले की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति रुपये 598 करोड़ 66 लाख की प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत कान्ह नदी के दूषित जल को 16.70 किलोमीटर की भूमिगत क्लोज डक्ट से उज्जैन शहर की सीमा के बाहर कालियादेह के पास क्षिप्रा नदी में प्रवाह किया जाना प्रस्तावित था। कार्य के लिए मेसर्स वेंसर उज्जैन प्रोजेक्ट के साथ राशि रू. 479 करोड़ 89 लाख का 15 मार्च 2024 को अनुबंध निष्पादित किया गया। कार्य सितम्बर 2027 तक पूर्ण किया जाना है।

दूषित जल को पवित्र क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए क्लोज डक्ट के एलाईंमेंट का परिवर्तन किया गया। परिवर्तन के बाद 18.5 किलोमीटर कट/कवर एवं 12 किलोमीटर टनल प्रस्तावित किये जाने से राशि रू. 321 करोड़ 28 लाख की वृद्धि होकर वर्तमान लागत 919 करोड़ 94 लाख हो रही है।

समर्थन मूल्य पर सोयाबीन उपार्जन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024-25) में केन्द्र सरकार के प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत सोयाबीन का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन, राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

कृषकों का 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक पंजीयन होगा एवं खरीदी (उपार्जन) 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक की जायेगी। सोयाबीन उपार्जन के लिये 1400 केंद्र बनाये जायेंगे, जिनमें यथा संशोधन भी किया जा सकेगा। प्रदेश में किसानों से 13.68 लाख मेट्रिक टन सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विटंल 4892 रूपये की दर से उपार्जन किया जाएगा। निर्धारित मात्रा से अधिक उपार्जन होने पर राज्य सरकार अपने स्तर पर सोयाबीन की खरीदी करेगी।

नीमच जिला अंतर्गत भाटखेड़ा से डुंगलावदा तक 4-लेन सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा नीमच जिला अंतर्गत भाटखेड़ा से डुंगलावदा तक 4-लेन सीमेंट कांक्रीट सड़क लंबाई 16 कि.मी. के निर्माण के लिए 133 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी।

विधानसभा अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम में संशोधन का अनुमोदन

विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष के भत्तों पर देय आयकर सरकार द्वारा भरने का प्रावधान है। विधानसभा अध्यक्ष ने 1 जुलाई को सदन में घोषणा की थी कि वे अपना आयकर स्वयं भरेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम में संशोधन करने संबंधी विधेयक पर मंत्रि-परिषद् ने अनुमोदन प्रदान किया है, जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा।

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के भत्तों पर देय आयकर सरकार द्वारा भरने का प्रावधान है। नेता प्रतिपक्ष ने 1 जुलाई को सदन में घोषणा की थी कि वे अपना आयकर स्वयं भरेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम में संशोधन करने संबंधी विधेयक पर मंत्रि-परिषद् ने अनुमोदन प्रदान किया। जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जायेगा।

नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण के लिए 159 करोड़ 13 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण के लिए 159 करोड़ 13 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। उल्लेखनीय है कि वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1958 में किया गया था। वर्तमान विश्राम गृह के पुराने पारिवारिक खण्ड क्रमांक-1 एवं शापिंग सेंटर के स्थान पर 102 आवास 5 ब्लाकों से निर्मित किये जाना है। प्रत्येक आवास का प्लिंथ एरिया 2615 वर्ग फीट होगा।