Special Story

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की

ShivFeb 28, 20252 min read

रायपुर।    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री…

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 28, 20254 min read

भोपाल।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान…

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन और श्री आठवले ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन और श्री आठवले ने की भेंट

ShivFeb 28, 20251 min read

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम समत्व…

मध्यप्रदेश में बनेगी साइंस सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश में बनेगी साइंस सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 28, 20251 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में…

February 28, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

NGDRS से रजिस्ट्री आसान, नामांतरण के लिए भटक रहे लोग

रायपुर-   एनजीडीआरएस प्रणाली लागू होने के बाद से जिला प्रशासन का ये दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री का कार्य आसान हो गया है. अब जमीन की  रजिस्ट्री कराने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता है. लेकिन इसी प्रणाली के बाद नामांतरण का काम लेट हो गया है और लोगों को पटवारी के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे है.

जब रजिस्ट्रीधारक पटवारी दफ्तर पहुंच रहे है तो उन्हें ये बताया जाता है कि उनका नाम अभी सॉफ्टवेयर में नहीं दिखा रहा है, इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतेजार करने पड़ेगा. लेकिन पटवारी कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद भी उनकी समस्या कम नहीं हो रही है. सूत्रों के मुताबिक रजिस्ट्री ऑफिस से दस्तावेज पूरी तरह अपलोड नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है. इसके अलावा इस सॉफ्टवेयर से जो परेशानी आ रही है वो ये है कि रजिस्ट्रीधारक का नाम अंग्रेजी में आ रहा है, जबकि रजिस्ट्री में नाम हिंदी में दर्ज होता है.

यही कारण है कि स्पेलिंग मिस्टेक होने के बाद उसे सुधारने का पॉवर एसडीएम के पास है और इसी के लिए लोग अपनी रजिस्ट्री में नाम सुधारने के लिए भी दर-दर भटक रहे है. वहीं इस परेशानी से गुजर रहे लोगों के मुताबिक जिस क्रम से रजिस्ट्री हो रही है उसी क्रम से दस्तावेज अपलोड नहीं हो रहे है. और हो भी रहे है तो आधे-अधूरे, जिससे समस्या पहले से काफी बढ़ गई है.

एक पटवारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सॉफ्टवेयर में जाती के संबंध में भी जानकारी मांगी जा रही है, जो रजिस्ट्री में नहीं होती है. ऐसे में यदि किसी की आरक्षित वर्ग की जाति सामान्य हो जाती है तो वे पटवारियों पर पूरा दोष मढ़ रहे है, जिसके कारण पटवारी भी परेशान हो रहे है.