Special Story

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार…

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सेवानिवृत्ति के 6 माह पश्चात् जीपीएफ से नहीं कर सकते वसूली, हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला…

बिलासपुर। सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाली सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की राशि किसी भी कर्मचारी के लिए आगे के जीवन का आधार होती है. ऐसे में जीपीएफ से वसूली के आदेश को चुनाती देते हुए दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. बेंच ने कहा कि सेवानिवृत्ति के छह माह पश्चात जीपीएफ से राशि की वसूली नहीं की जा सकती है.

अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में पर्यवेक्षक (पुरुष) के पद से गौरेला निवासी हृदयनारायण शुक्ला 30 जून 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. इसके 9 महीने बाद महालेखाकार कार्यालय ने जीपीएफ राशि से अधिक वेतन की निकासी बताते हुए उनके जीपीएफ एकाउन्ट में ऋणात्मक शेष बताते हुए वसूली आदेश जारी किया था.

वसूली आदेश को चुनौती देते हुए हृदयनारायण शुक्ला ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय व स्वाति सराफ के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी.

अधिवक्ताओं ने छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्यनिधि नियम 1955 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 का हवाला देते हुए बताया कि जीपीएफ खाते से ऋणात्मक शेष राशि की वसूली सेवानिवृत्ति से पूर्व या सेवानिवृत्ति के पश्चात् सिर्फ छह माह तक की अवधि में ही वूसली की जा सकती है. इससे अधिक की अवधि व्यतीत हो जाने पर जी.किसी प्रकार की वसूली नहीं की जा सकती है.

मामले में याचिकाकर्ता के सेवानिवृत्त होने के नौ माह पश्चात् महालेखाकार कार्यालय की ओर से जीपीएफ खाते में ऋणात्मक शेष बताते हुए वसूली आदेश जारी किया गया जो कि नियमों का उल्लंघन है. हाई कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता के विरूद्ध जारी वसूली आदेश को निरस्त कर महालेखाकार कार्यालय को निर्देशित किया गया कि याचिकाकर्ता के सम्पूर्ण बकाया जीपीएफ राशि का तत्काल भुगतान करें.