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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज रिश्वत मामला : उच्च न्यायालय में आरोपियों की याचिका पर हुई सुनवाई

बिलासपुर। रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज रायपुर को रिश्वत के बदले अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने में कथित रूप से मदद करने के आरोप में सीबीआई के गिरफ्त में आए निरीक्षक दल में शामिल 3 सदस्यों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। जेल में बंद डॉक्टर चैत्रा श्रीधर, रविचंद्रन के और मयूर महेंद्र भाई रावल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका लगाई है। इस मामले में आज चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की सिंगल बैंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 28 अगस्त 2025 के न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए जवाब पेश किया। इसके प्रत्युत्तर के लिए याचिकाकर्ताओं को 2 सप्ताह का समय दिया गया है।

जमानत याचिका की सुनवाई में अधिवक्ता मनोज परांजपे, अर्पण वर्मा, अधिवक्ता हर्षवर्धन परघानिया ने पक्ष रखा। वहीं सीबीआई की ओर से बी. गोपा कुमार और हिमांशु पांडे ने अपना पक्ष रखा। 25 अगस्त 2025 को हाइकोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता को रिटर्न दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था, जिसे बुधवार को दाखिल किया गया।

दरअसल सीबीआई ने “श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों, निरीक्षण करने वाले डॉक्टरों और अन्य बिचौलियों के खिलाफ रिश्वत के बदले मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए आयोजित वैधानिक निरीक्षण प्रक्रिया में कथित रूप से हेरफेर करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। वहीं कथित तौर पर नामित मूल्यांकनकर्ताओं ने अवैध रिश्वत के बदले विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को अनुकूल रिपोर्ट दी। श्री रावतपुरा सरकार संस्थान के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के लिए नियुक्त मूल्यांकनकर्ताओं को कथित तौर पर प्रभावित करने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाया था।