Special Story

बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

ShivApr 4, 20252 min read

खैरागढ़।  बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता,…

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

ShivApr 4, 20253 min read

रायपुर।   छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी…

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

ShivApr 4, 20252 min read

कोरबा। ऊर्जाधानी में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम ही…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

ShivApr 4, 20251 min read

रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर…

April 4, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

रायपुर प्रेस क्लब ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपा ज्ञापन, कहा – पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की दिशा में हो ठोस पहल

रायपुर।     बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. वहीं पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की.

रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव डॉक्टर वैभव शिव पांडेय ने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की बेहरमी से हत्या हुई है. हत्या की वजह मुकेश की निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता रही है. उन्होंने बीजापुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया. इसकी कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी. मुकेश की मौत से देश की पत्रकारिता जगत में आक्रोश और शोक व्याप्त है.

रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री को बताया कि हमारे रायपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला को भी गरियाबंद में भ्रष्टाचार का मामला उजागर करने पर वन विभाग के अधिकारी ने जान से मारने की धमकी दी है. ऐसी ही धमकियां समय-समय पर पत्रकारों को मिलती रहती है. पूर्व और वर्तमान की घटनाओं से यह प्रतीत होता है कि पत्रकारों को धमकियां देना, मारना आसान हो गया है. इन परिस्थितियों में आपसे यह आग्रह है कि राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा को आप सुनिश्चित कराने की दिशा पर ठोस पहल करें.