Special Story

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

रायपुर प्रेस क्लब ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपा ज्ञापन, कहा – पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की दिशा में हो ठोस पहल

रायपुर।     बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. वहीं पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की.

रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव डॉक्टर वैभव शिव पांडेय ने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की बेहरमी से हत्या हुई है. हत्या की वजह मुकेश की निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता रही है. उन्होंने बीजापुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया. इसकी कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी. मुकेश की मौत से देश की पत्रकारिता जगत में आक्रोश और शोक व्याप्त है.

रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री को बताया कि हमारे रायपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला को भी गरियाबंद में भ्रष्टाचार का मामला उजागर करने पर वन विभाग के अधिकारी ने जान से मारने की धमकी दी है. ऐसी ही धमकियां समय-समय पर पत्रकारों को मिलती रहती है. पूर्व और वर्तमान की घटनाओं से यह प्रतीत होता है कि पत्रकारों को धमकियां देना, मारना आसान हो गया है. इन परिस्थितियों में आपसे यह आग्रह है कि राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा को आप सुनिश्चित कराने की दिशा पर ठोस पहल करें.