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अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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भारत-जापान संबंधों को लेकर संसद में उठा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का सवाल

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में छत्तीसगढ़ के हितों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि भारत-जापान के साथ बढ़ते व्यापारिक और औद्योगिक सहयोग से छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ेगा, जिससे युवाओं को रोजगार और राज्य को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ को इस सहयोग का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं।

लोकसभा में शुक्रवार को बृजमोहन अग्रवाल ने भारत-जापान संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने विदेश मंत्री से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक भागीदारी, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, भारतीय रक्षा उत्पादन नीति में जापान की संभावित भागीदारी, प्रौद्योगिकी और अवसंरचना में व्यापारिक संबंधों की मजबूती, भारत में जापानी निवेश की स्थिति तथा छत्तीसगढ़ को इससे होने वाले संभावित लाभों पर विस्तृत जानकारी मांगी।

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने संसद में दिए गए उत्तर में बताया कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘सागर’ दृष्टिकोण जापान के ‘खुले एवं मुक्त हिंद-प्रशांत’ दृष्टिकोण के साथ मेल खाते हैं। उन्होंने बताया कि क्वाड कार्य ढांचे के अंतर्गत दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता, शांति और समृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है।

रक्षा सहयोग पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 22 नवंबर 2024 को लाओस में आयोजित एडीएमएम प्लस बैठक के दौरान भारतीय और जापानी रक्षा मंत्रियों के बीच वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई अहम समझौतों की पुष्टि की गई। साथ ही, दोनों सेनाओं के बीच आपूर्ति और सेवा करार को मजबूत करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास को और व्यापक बनाने पर भी सहमति बनी।

जापान भारत में विदेशी निवेश का 5वा सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। मार्च 2022 में जापानी प्रधानमंत्री महामहिम फुमियो किशिदा की भारत यात्रा के दौरान, अगले पाँच वर्षों में जापान से भारत में 5 ट्रिलियन जापानी येन के सार्वजनिक और निजी निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई थी। इस निवेश से भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी, स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी को बल मिलेगा। नवंबर 2024 में टोक्यो में आयोजित रणनीतिक व्यापार और प्रौद्योगिकी वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलता और महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की ओर से विशेष रूप से यह प्रश्न उठाया कि जापान की ओर से किए जा रहे निवेश और रणनीतिक साझेदारी से राज्य को क्या लाभ होगा। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि भारत-जापान सहयोग से छत्तीसगढ़ को अवसंरचना और औद्योगिक विकास में नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।