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आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर विधानसभा में सवाल, स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड का समुचित लोगों को नहीं मिलने, बड़े अस्पतालों में सुविधा का लाभ नहीं मिलने जैसे मुद्दे पर आज स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल सदन में घिर गए.

विपक्ष की विधायक कविता प्राण लहरे के साथ सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायकों ने मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया. ध्यानाकर्षण में कविता प्राण लहरे ने कहा कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ सही तरीके से हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है. यही नहीं योजना में गम्भीर बीमारियों का इलाज नहीं हो रहा है.

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और अमर अग्रवाल ने कहा कि यह जनहित से जुड़ा हुआ बहुत संवेदनशील मामला है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना में किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए. योजना का लाभ पूर्णतया कार्डधारियों को मिलना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री को इस पर घोषणा करनी चाहिए.

आसंदी ने भी निर्देशित करते हुए कहा कि इस पर मंत्री को जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस पर घोषणा की आवश्यकता नहीं है. इसके लिए नियम-निर्देश की आवश्यकता पड़ती है. स्वास्थ्य मंत्री ते ऐसा कहते ही सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर भड़क उठे. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को सरकार कोई घोषणा नहीं कर सकती इसके नियम क्या है ? इसे टेबल किया जाना चाहिए.

धर्मजीत सिंह और अमर अग्रवाल ने भी कहा कि घोषणा क्यों करते सकते मंत्री? उन्हें किस नियम-निर्देश की आवश्यकता बताना चाहिए. सुशांत शुक्ला ने कहा कि अपोलो अस्पताल बिलासपुर में आयुष्मान योजना को लेकर मैं सात बार पत्र स्वास्थ्य विभाग को लिख चुका हूँ. आशाराम नेताम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गम्भीर ही नहीं है.

आसंदी ने फिर कहा कि पक्ष और विपक्षी के सभी विधायक, जिन्होंने भाग लिया हो या नहीं, सभी इसके बेहतर क्रियान्वयन को लेकर चिंतित हैं. स्वास्थ्य मंत्री भी सक्षम हैं. इस पर निर्णय अवश्य लेंगे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी सदस्यों ने इस महत्वपूर्ण योजना पर ध्यान आकृष्ट कराया है. आगामी एक सप्ताह में विभागीय समीक्षा कराकर अधिक से अधिक अस्पतालों में इसका लाभ मिले यह निर्णय लेंगे.