Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

परख सर्वेक्षण से होगा शिक्षा गुणवत्ता का आंकलन : बच्चों की दक्षता जांचने छत्तीसगढ़ के 3420 स्कूलों में हाेगी परीक्षा, केंद्र सरकार करेगी मानिटरिंग

रायपुर।      केंद्र शासन, स्कूल शिक्षा मंत्रालय (एनसीईआरटी) द्वारा छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों के शासकीय और अशासकीय स्कूलों के कक्षा 03 से 09 तक के विद्यार्थियों की दक्षता को जांचने-परखने राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 परीक्षा का आयोजन 4 दिसंबर को किया जाएगा. राज्य शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी विद्यार्थी पूर्व तैयारी कर स्वयं को भी परख सके.

परख-2024 आकलन कार्य सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है. कुल 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसी तरह सभी 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देशभर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है. बता दें केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है. इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा तीन, छह एवं नौ में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है. यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा.

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3 के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएंगे. कक्षा 6 के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएंगे. कक्षा 9 में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे. परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जाएगा. परख मूल्यांकन माइनस मार्किंग नहीं होगी. केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे प्रश्नपत्र होगा. यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती है तो वहां अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी.

राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 स्कूलों को चुना गया है. इस मूल्यांकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जाएगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जाएगा.

विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा. परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें. इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र (चयनित शाला) में मानटरिंग करेंगे.

राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3, 6 तथा 9 के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है. उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है. इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19000 छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है. इसके अलावा राज्य के सभी बीआरसीसी, सीआरसीसी, प्राचार्य (हाई व हा.से.), प्रधान पाठक तथा विषय शिक्षकों को मार्गदर्शन देकर प्रशिक्षित किया जा रहा है.