Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित सामग्री की होगी गुणवत्ता जांच, 15 दिन में मांगी गई रिपोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में विशेष जांच समिति का गठन किया है, जो रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर और सरगुजा जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजी गई सामग्रियों की जांच करेगी.

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए विभागीय सचिव शम्मी आबिदी को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं. मंत्री ने कहा, “बच्चों और महिलाओं के पोषण से जुड़ी सामग्री की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

जांच समिति में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं:

  • संयुक्त संचालक (वित्त), महिला एवं बाल विकास संचालनालय – अध्यक्ष
  • प्रबंध संचालक, सीएसआईडीसी द्वारा नामित प्रतिनिधि – सदस्य
  • जीईसी रायपुर और निजी कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञ – सदस्य
  • संबंधित जिलों के कार्यक्रम अधिकारी एवं सहायक संचालक, आईसीडीएस – संयोजक

समिति को भौतिक जांच और गुणवत्ता परीक्षण के साथ-साथ संदेहास्पद नमूनों को प्रयोगशाला में भेजकर वैज्ञानिक विश्लेषण कराने का भी निर्देश दिया गया है. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जा रही पोषण सामग्री पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो.

जांच समिति को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग आगे की कार्रवाई करेगा.