Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

केंते एक्सटेंशन खदान के लिए हुई जन सुनवाई, राजस्थान के बेहतरीन संचालन और सीएसआर को जनता का मिला समर्थन

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से प्रस्तावित केंते एक्सटेंशन खुली खदान परियोजना के लिए जन सुनवाई शुक्रवार को हुई। राजस्थान राज्य के स्वामित्व वाली राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) 1760 हेक्टेयर में फैली 11 मिलियन टन की वार्षिक कोयला उत्पादन क्षमता वाली एक नई कोयला खदान और एक अत्याधुनिक वाशरी परियोजना खोलेगी। जन सुनवाई में राजस्थान के बेहतरीन संचालन और सीएसआर को जनता का समर्थन मिला है।

आरआरवीयूएनएल को यह सफलता सरगुजा स्थित 15 मिलियन टन कोयला उत्पादन वाली परसा ईस्ट केते बासन (पीईकेबी) खदान के 12 साल के सफल संचालन और समुदाय लक्षी कार्यक्रमों के कारण मिली है। खुदकी खदानों से कोयले के उत्पादन से राजस्थान की कोल इंडिया और महंगे आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी।

कोयला मंत्रालय ने पीईकेबी ब्लॉक को इसके उत्कृष्ट संचालन के लिए प्रतिष्ठित फाइव-स्टार रेटिंग प्रदान की है। आरआरवीयूएनएल ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास सहित अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहलों में पर्याप्त निवेश किया है। इसके चलते राजस्थान एक और कोयला ब्लॉक के लिए सैकड़ों स्थानीय लोगों के समर्थन करके आरआरवीयूएनएल की प्रभावशाली सीएसआर पहलों को मान्यता दे दी है।

उदयपुर तहसील के केंते, बासेन, चकेरी, परोगिया और 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले आस-पास के गांवों से हजारों ग्रामीण ने सुबह 8 बजे से बारिश के बावजूद सुबह 11 बजे निर्धारित की गई जन सुनवाई के लिए अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए पहुंचने लगे। यह सुनवाई करीब सात घंटे से ज्यादा समय तक चली। सरगुजा के पर्यावरण संरक्षण मण्डल के क्षेत्रीय अधिकारी विजय सिंह पोर्ते और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुनील कुमार नायक ने जन सुनवाई की अध्यक्षता की।

क्षेत्र में नए विकास और रोजगार के अवसर आएंगे

परसा के उपसरपंच गणेशराम यादव ने कहा, “स्थानीय लोगों की मदद से आरआरवीयूएनएल ने पीईकेबी खदान की पहले से खनन की गई भूमि पर 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर सरगुजा को एक नई पहचान दी है। राजस्थान की बिजली उपयोगिता निःशुल्क अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कौशल विकास केंद्र, क्लीनिक और एम्बुलेंस सेवाएं चलाती है। हमें उम्मीद है कि आरआरवीयूएनएल केंते एक्सटेंशन खदान खोलकर इन पहलों को और बढ़ावा देगा।” बैठक के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विकास, रोजगार प्रबंधन और स्वरोजगार पर चर्चा की। अधिकारियों और लोगों ने केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक के लिए भी समर्थन व्यक्त किया, उनका मानना ​​है कि इससे क्षेत्र में नए विकास और रोजगार के अवसर आएंगे।

केंते एक्सटेंशन का समर्थन करते हुए चकेरी गांव के त्रिलोचन सिंह पेकरा ने कहा, यह परियोजना पिछड़े क्षेत्र में हमारे गांव की महिलाओं और युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी। आरआरवीयूएनएल के संचालन और सीएसआर प्रयासों ने प्रदर्शित किया है कि निगम स्थानीय लोगों के लिए समृद्धि लाएगा।

महिलाओं को मिला स्वरोजगार

बासेन गांव की उर्मिला पंडो ने कहा, पीईकेबी खदान खुलने से मेरे सहित कई महिलाओं को स्वरोजगार मिला है। आज हमारे समूह की महिलाएं महिला सहकारी समिति के माध्यम से विविध व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न होकर आत्मनिर्भर बन गई हैं। इसलिए मैं केंते विस्तार परियोजना का समर्थन करती हूं।

आरआरवीयूएनएल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वीपी गर्ग ने छत्तीसगढ़ परियोजना के बारे में जानकारी दी। उपमंडल मजिस्ट्रेट बनसिंह नेताम, उदयपुर की नगर निरीक्षक चंद्र कुमारी और उदयपुर ब्लॉक की तहसीलदास चंद्रशीला जायसवाल उपस्थित थीं। जनसुनवाई में आरआरवीयूएनएल के अधीक्षण अभियंता अशोक प्रसाद, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड सरगुजा क्लस्टर प्रमुख मनोज कुमार शाही सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जन सुनवाई के अंत में आरआरवीयूएनएल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वीपी गर्ग ने कंपनी के सामाजिक सरोकारों के माध्यम से विकास कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा जन सुनवाई के आयोजन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों, हितधारकों व सभी का आभार व्यक्त किया।