जैन संतों पर जानलेवा हमले का विरोध : रायपुर में जैन समाज ने निकाली रैली, जैन मुनियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। मध्यप्रदेश के कछाला में जैन संतों पर जानलेवा हमला का रायपुर में सकल जैन समाज ने विरोध किया है. समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर तक रैली निकालकर जैन संतों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.
प्रेमचंद गोलछा ने कहा, जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कछाला (सिंगोली के निकट) स्थित हनुमान मंदिर में रात्रि विश्राम करने रुके जैन मुनियों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने लूटपाट के उद्देश्य से न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि पर जानलेवा हमला भी किया. इसके विरोध में मौन रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपकर संतों की सुरक्षा व्यवस्था बनाने की मांग की गई. कमल बोहरा ने कहा, यह अत्यंत चिंताजनक घटना न केवल समग्र देश की सामाजिक शांति और धार्मिक सहिष्णुता के लिए एक चुनौती है, बल्कि संपूर्ण मानवता एवं भारतीय संस्कृति की अहिंसा, करूणा और सहिष्णुता के मूल्यों पर भी आघात करती है.

अजय जैन ने कहा, जैन मुनिराज अत्यंत त्यागमय जीवन जीते हुए किसी प्रकार की धन-संपति, संसाधन या निजी सुरक्षा नहीं रखते. वे आत्म कल्याण के साथ लोक कल्याण के मार्ग पर चलते हुए सीमित आवश्यकतों के साथ भगवान महावीर की आज्ञानुसार पूरी तरह शांतिपूर्ण जीवनशैली अपनाते हैं. प्रकाश गोलछा ने कहा, ऐसी घटनाएं छत्तीसगढ़ एवं संपूर्ण भारतभर में कहीं पर भी न हो इसलिए सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
ये है सकल जैन समाज की मांगें
- मप्र के जावद विधानसभा क्षेत्र ग्राम कछाला में 13.04.2025 को हुई घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो.
- जैन साधु संत पैदल चलकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पधारते हैं, जो विहार कहलाता है. इस विहार में स्कूल, मंदिर, आंगनबाड़ी आदि अन्य सरकारी स्थानों में ठहरने की आज्ञा और व्यवस्था की जाए.
- यातायात संबंधी : हाईवे पर वाहन चालकों के लिए कड़क नियम बनाया जाए, ताकि विहारी साधु- साध्वी की सुरक्षा हो व दुर्घटना से बचाया जाए.
- कुछ समय पूर्व 01 जून 2024 को चितौड़गढ़ के शंभूपुरा में पूज्य मदनमुनि मसा का एक्सीडेंट में देवलोक गमन हो गया था।
- 02.04.2025 को इंदौर हाईवे मोकलगांव कालका ढाबा के पास सुबह विहार में पन्धाना जिला खंडवा (म.प्र.) में पूज्य गजेन्द्रमुनि मसा का एक्सीडेंट में देवलोक गमन हो गया. इसके अलावा और भी कई जैन साधु-साध्वी के साथ ऐसी घटनाएं हुई है, जो उचित नहीं है.






