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किराए के वाहनों पर 130 करोड़ खर्च, पुलिस का कुल वाहन खर्च 350 करोड़ पहुंचा

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Shiv Mar 12, 2026 7 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने महज़ साल भर में किराए के वाहनों…

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को मिला बड़ा नक्सली डम्प

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

गरियाबंद। जिले के थाना मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को संयुक्त…

बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आरटीआई से जुड़ी जनहित याचिका समेत अन्य…

गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान महँगाई और…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

प्रधानमंत्री आवास योजना से कुम्हार अमीरचंद को मिली आर्थिक स्थिरता, अपनी कला, परंपरा और संस्कृति को संजोए रखने में मिली मदद

रायपुर।    प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित अमीरचंद प्रजापति की कहानी बहुत प्रेरणादायक है। मिट्टी के दिए बनाकर जीवन गुजारा करने वाले अमीरचंद के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। इस योजना की मदद से उन्हें अपना खुद का पक्का घर मिला जिससे उनके सपने हकीकत में तब्दील हुई है। अब अमीरचंद न केवल अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने घर में एक छोटी सायकल एवं गाड़ी पंचर की दुकान भी शुरू कर दी है। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रहा है।

बलरामपुर जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत ओदारी निवासी अमीरचंद प्रजापति बताते है कि वे पेशे से कुम्हार है। मिट्टी को आकार देकर दीया एवं विभिन्न मिट्टी की वस्तुओं का निर्माण कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते है। उनका काम ही केवल उनकी रोजी-रोटी का साधन है, ऐसे में उनके पक्के आवास बनाना असंभव सा प्रतीत होता था लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अमीरचंद प्रजापति को अपना खुद का घर मिलना किसी वरदान से कम नही है। वे बताते है जैसे ही उन्हें आवास की स्वीकृति मिली और उनका आवास पूर्ण हो गया है। आवास मिलने से उन्हें काफी मदद मिली है और वे सकुशल अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर रहे है। और भरण पोषण के लिए उनका कुम्हार का कार्य उनकी कला और रचनात्मकता का भी प्रतीक है।

वे मिट्टी को आकार देकर न केवल अपनी कला को व्यक्त करते हैं, बल्कि वे अपने परिवार के लिए भी एक स्थिरता के साथ बेहतर जीवन तैयार कर रहे हैं। अमीर चंद प्रजापति की कहानी से हमें सीख मिलती है कि, किस तरह उन्होंने प्रधानमंत्री आवास मिलने से अपने काम को संजोए रखा है। श्री अमीरचंद ने गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।