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दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

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मतदाता सत्यापन पर गरमाई सियासत : C कैटेगरी में 22 हजार नाम, नोटिस से मचा हलचल, जानें कांग्रेस-भाजपा ने क्या कहा…

जगदलपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की पड़ताल ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशासनिक जांच में 22 हजार मतदाताओं के नाम C कैटेगरी में डाले गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि C कैटेगरी में शामिल मतदाताओं में से 17 हजार 93 सिर्फ शहरी इलाकों से हैं। इन मतदाताओं पर आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उन्होंने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। जिला निर्वाचन कार्यालय ने ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर 2003 की मतदाता सूची से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। हालांकि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाता अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इधर, कांग्रेस ने SIR की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और निर्धारित दस्तावेज देने के बावजूद BLO द्वारा दस्तावेजों को खारिज किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। भाजपा संगठन शहर के 48 वार्डों में मतदाता सत्यापन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की कवायद बता रहा है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण ने जहां प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच भी टकराव तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।