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SIR को लेकर गरमायी राजनीति, पूर्व डिप्टी CM सिंहदेव बोले SIR फॉर्म भरने में पसीने छूट गए,मैं MA पास फिर भी 20 बार सोचना पड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में SIR को लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। एक तरफ बीजेपी ने सर्वे में गंभीर नियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी से लिखित शिकायत की है। वहीं अब फार्म भरने को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव का बयान सामने आया है। उन्होने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया को जटिल बताते हुए कहा कि…MA पास होने के बाद भी फॉर्म भरने में मेरे पसीने छूट गए, तो अबूझमाड़ में रह रहे लोगों का क्या होगा ?

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन निर्वाचन आयोग के इस कार्य को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेता असंतुष्ट नजर आ रहे है । अब SIR फार्म भरने को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने सवाल उठाते हुए इसे काफी पेचिदा बताया है। उन्होने खुद अपना उदाहरण देते हुए बताया कि… मैं MA पास हूं, तथाकथित दुनिया भी देख चुका हूं। फिर भी फॉर्म भरते समय 20 बार सोचना पड़ा कि कहीं गलती न हो जाए। अगर मुझे ऐसा महसूस हुआ तो अबूझमाड़ या किसी दूरस्थ गांव में रहने वाले व्यक्ति का क्या होगा ? कांग्रेस ने SIR की समय सीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग की है।

सिंहदेव ने आधे से ज्यादा नाम कट जाने की जतायी चिंता

SIR को लेकर टीएस सिंहदेव ने समय कम होने पर आधे से त्यादा लोगों के नाम कट जाने की बात कही है। उन्होने कहा कि घर में बहू आईं, उनका नाम स्वाभाविक है 2003 की सूची में नहीं था, उनकी शादी बाद में हुई। उनके माता-पिता का नाम गुना मध्य प्रदेश में हैं। वहां की 2003 की सूची में नाम ढूंढकर फिर फॉर्म में भरना पड़ा। सिंहदेव ने सवाल उठाते हुए कहा कि आप दावा कर दो कि हमने इतने प्रतिशत काम कर दिया। लेकिन सही तरीके से करोगे, तो आधे से ज्यादा नाम आ ही नहीं सकते, कट जाएंगे। इसमें प्रावधान भी यह है कि फॉर्म ठीक नहीं आए तो रिजेक्ट हो जाएंगे। लेकिन अभी जो प्रक्रिया है, वह बहुत जटिल है।