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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा का किया उद्घाटन

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया. उन्होंने भवन के सामने स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया. 273.11 करोड़ की लागत से बनकर तैयार इस भवन के उद्घाटन के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा समेत कई मंत्री, विधायक उपस्थित रहे.

बता दें, नवा रायपुर के सेक्टर-19 में बना यह भव्य इको-फ्रेंडली विधानसभा भवन लगभग 20.78 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 28 अगस्त 2020 को जिसकी नींव रखी गई थी, वह भवन अब 5 साल बाद पूरी तरह से तैयार है.

 राष्ट्रपति भवन से मिलता-जुलता डिज़ाइन और आधुनिक सुविधाएं

इस भवन की वास्तुकला में पारंपरिक महलों की झलक मिलती है और इसका आकार देश के राष्ट्रपति भवन से मेल खाता है. भवन के बाहर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है.

विष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार

वर्तमान में छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 विधायक हैं, लेकिन नए भवन में 120 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है. यह कदम भविष्य में विधानसभा सीटों के विस्तार को ध्यान में रखकर उठाया गया है.

तीन ब्लॉकों में विभाजित भवन

नई विधानसभा का निर्माण तीन मुख्य ब्लॉकों में किया गया है-

ब्लॉक A विधानसभा सचिवालय के रूप में कार्य करेगा, जहां सचिवालय से जुड़ी सभी शाखाएं और अधिकारियों के कार्यालय होंगे.

ब्लॉक B भवन का मुख्य हिस्सा है, जहां सदन की कार्यवाही होगी. इसमें मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के कक्ष, मीटिंग हॉल, सेंट्रल हॉल और मीडिया लाउंज जैसी सुविधाएं होंगी.

ब्लॉक C में विधायकों और मंत्रियों के चेंबर, अस्पताल, बैंक, पोस्ट ऑफिस और रेलवे आरक्षण केंद्र जैसी सार्वजनिक सुविधाएं होंगी.

आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर

भवन में महिला, पुरुष, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर के लिए अलग-अलग टॉयलेट की व्यवस्था है. इसके अलावा तीन प्रकार की चिकित्सा सेवाएं जैसे- एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक अस्पताल भी भवन परिसर में उपलब्ध हैं.

संसद की तर्ज पर यहां सेंट्रल हॉल तैयार किया गया है, जिसमें 200 लोगों के बैठने की क्षमता है. वहीं, एक भव्य ऑडिटोरियम भी बनाया गया है, जिसमें 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है.

सांस्कृतिक सौंदर्य और कला का संगम

विधानसभा परिसर के कॉरिडोर को बस्तर और सरगुजा की पारंपरिक कला से सजाया गया है. यहां एक म्यूजियम और आर्ट गैलरी भी बनाई जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा.

हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

पूरे परिसर में ग्रीन लैंडस्केप और सुंदर गार्डन विकसित किए गए हैं. वास्तुशास्त्र के अनुसार पौधों का चयन किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी बागवानी विभाग को सौंपी गई है. परिसर में जल और ऊर्जा संरक्षण की अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है, जिससे यह इको-फ्रेंडली भवन के रूप में स्थापित हो रहा है..

आधुनिक तकनीक से लैस लाइब्रेरी

यहां की लाइब्रेरी को पूरी तरह हाईटेक बनाया जा रहा है. इसमें 55 हजार से अधिक पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधन, ई-बुक्स और ऑनलाइन डेटाबेस की सुविधा उपलब्ध होगी.

भवन निर्माण की लागत

शुरुआती डीपीआर के अनुसार भवन की अनुमानित लागत ₹394 करोड़ थी, लेकिन इसे घटाकर ₹273.11 करोड़ में परियोजना पूरी की गई है.

क्यों पड़ी नए भवन की जरूरत?

दूरी और समय की बचत: पुराना विधानसभा भवन नवा रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर था, जिससे आवागमन में अधिक समय लगता था.

यातायात समस्या: पुराने भवन के कारण शहर के बड़े हिस्से में ट्रैफिक की समस्या होती थी.

सीटिंग अरेंजमेंट: 90 विधायकों के लिए पुराना भवन अपर्याप्त था और सिटिंग अरेंजमेंट में दिक्कतें आती थीं.

विस्तार की गुंजाइश: भविष्य में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने पर पुराने भवन में दिक्कतें बढ़ सकती थीं.

राजनीतिक इतिहास से जुड़ा सफर

राज्य की स्थापना के बाद पहला विधानसभा सत्र 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज, रायपुर में आयोजित किया गया था. वहां अस्थाई रूप से टेंट के नीचे कार्यवाही हुई थी. बाद में पुराना विधानसभा भवन बना, जो अब शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में स्थित है.

नया विधानसभा भवन मंत्रालय और संचालनालय के समीप बनाया गया है, जिससे अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों की कार्यप्रणाली और समन्वय में सुगमता होगी.

भूमिपूजन और लोकार्पण

29 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के समय इस भवन का भूमिपूजन हुआ था, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्चुअली शामिल हुए थे. 2023 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसके निर्माण की समीक्षा की. इस भव्य भवन का लोकार्पण जल्द ही होने की उम्मीद है.