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सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 14, 2026 3 min read

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चेट्रीचंड्र महोत्सव पर 15 मार्च को ‘चंड्र जी रात’ कार्यक्रम, बीटीआई ग्राउंड में जुटेगा सिंधी समाज

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Shiv Mar 14, 2026 2 min read

रायपुर। सिंधी समाज के प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव के अवसर…

सड़क सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 मार्च को, बनेगा रोड सेफ्टी क्लब

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रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए और…

“क्या छत्तीसगढ़ में मेधा नहीं? कुलपति नियुक्तियों पर अजय चंद्राकर ने सरकार को घेरा”

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गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 14, 2026 3 min read

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March 14, 2026

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पेट्रोल पंप में 40 लाख रुपये का गबन: संचालक ने मैनेजर के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

गौरेला-पेंड्री-मरवाही। केवची गांव स्थित “एचपी उर्मिला पेट्रोलियम” पेट्रोल पंप में 40 लाख रुपये का गबन का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप के संचालक की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंप मैनेजर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद शुक्रवार को आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि पूर्व जज और केवची गांव स्थित “एचपी उर्मिला पेट्रोलियम” पेट्रोल पंप के संचालक प्रमोद सिंह परस्ते (53 वर्ष) ने थाना गौरेला में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके पंप के मैनेजर लालजी पटेल (47 वर्ष, पेंड्रा अमरपुर गांव) ने लगभग 40 लाख रुपये का गबन किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लालजी पटेल को गिरफ्तार किया।

शिकायत के अनुसार, पंप के संचालन, आय-व्यय का लेखा-जोखा और दैनिक बिक्री रिकॉर्ड रखने के लिए लालजी पटेल को मैनेजर के रूप में नियुक्त किया गया था। पंप संचालन के लिए एसबीआई गौरेला से एचपीसीएल की ई-डीलर फाइनेंसिंग स्कीम (e-DFS) के तहत लगभग 67 लाख रुपये की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

पंप का संचालन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन वर्ष 2025 के मध्य से बैंक और कंपनी अधिकारियों ने खातों में गड़बड़ी की आशंका जताई। जांच में पता चला कि लालजी पटेल ग्राहकों से उधारी की राशि पंप के अधिकृत QR कोड के बजाय अपने निजी फोनपे नंबरों में जमा करवा रहा था। कुछ ग्राहकों ने भी इसकी पुष्टि रसीद और भुगतान के दस्तावेजों के साथ की।

बैंक स्टेटमेंट और पंप के रजिस्टर के मिलान से यह भी सामने आया कि दैनिक नकद और अधिकृत ऑनलाइन भुगतान ही खाते में जमा हो रहे थे, जबकि निजी QR कोड में प्राप्त राशि का कोई रिकॉर्ड नहीं था। शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह लगभग 40 लाख रुपये का गबन किया गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद 15 जनवरी 2026 को आरोपी मैनेजर को काम से हटा दिया गया। पुलिस ने दस्तावेजों और लालजी पटेल के बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने हर्बल लाइफ प्रोडक्ट में निवेश किया और उसकी ईवी कार भी पुलिस ने जब्त कर ली।

पुलिस ने लालजी पटेल के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर अन्य धाराएँ जोड़कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।