Special Story

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

PCC चीफ बैज बोले – विधानसभा सत्र की तिथि बढाएं, CGPSC मामले की निष्पक्ष जांच हो, राजधानी में बढ़ते अपराध पर भी सरकार को घेरा…

रायपुर।     विधानसभा शीतकालीन सत्र को लेकर अधिसूचना जारी हो गई है. इस बार शीतकालीन सत्र की अवधि 4 दिन होने पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, विधानसभा सत्र की तिथि घोषित हो गई है. 4 दिन का समय काफी कम है क्योंकि मुद्दे ज्यादा हैं. जनता में सरकार के खिलाफ आक्रोश है. हम सड़क से लेकर सदन तक जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं. विधानसभा सत्र की तिथि बढ़ना चाहिए. हम इसकी मांग करते हैं. वहीं सीजीपीएससी मामले में बैज ने कहा, निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए. बदले की भावना से जांच नहीं होनी चाहिए.

रायपुर में डबल मर्डर मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, दीपावली के बाद ही 17 से अधिक घटनाएं हुई है. एक को पुरानी बस्ती में जिन्दा जलाया गया. विधानसभा क्षेत्र में डबल मर्डर का मामला आया है. अपराध पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है. इनसे प्रदेश की कानून व्यवस्था संभल नहीं रही है.

सीजीपीएससी मामले में बैज ने कहा – निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए

CGPSC मामले में टामन सोनवानी की गिरफ्तारी पर बैज ने कहा, कोई गड़बड़ी है तो निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए. जिस तरीके से सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर पूरे सरकार को बदनाम करने का काम किया, अगर कोई वास्तव में गड़बड़ी है तो निश्चित रूप से निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक बदले की भावना से जांच नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस का कार्यकाल ही नहीं, पिछले 15 साल में बहुत सारे गोलमाल हुए हैं. बहुत सारे अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरीके का काम हुआ है. क्या सरकार पिछले 15 सालों को कभी जांच कराएगी? राजनीतिक बदले की भावना से काम नहीं होना चाहिए. अगर कोई दोषी है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.