Special Story

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सरकारी जमीन को निजी बनाकर पटवारी ने कर दिया सौदा, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

कोरबा। कोरबा में राजस्व विभाग के पटवारी ने सरकारी जमीन को निजी बनाकर दो लोगों को बेच दिया। हद तो तब हो गयी जब इन लोगों ने सरकारी जमीन को दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक रखकर लोन भी ले लिया। मामले का खुलासा होने के बाद कलेक्टर ने इस फर्जीवाड़े के दोषी पटवारी को ततकाल प्रभाव से निलंबित कर मामले की जांच का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि सूबे में सरकार बदलने के बाद भी राजस्व विभाग में घूसख़ोरी और फर्जीवाड़े का खेल बंद होने का नाम नही ले रहा है। ताजा मामला कोरबा जिला के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का है। पटवारी हल्का लाद में पदस्थ पटवारी जितेंद्र कुमार भावे ने अपने कार्यकाल में सरकारी जमीनों का निजी नामांतरण करते हुए पट्टा जारी किया गया।

सरकारी जमीन के दस्तावेज में कूटरचना कर निजी नामांतरण का खुलासा होने पर सरकारी जमीनों को वापस शासन के खाते में मर्ज करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड का अवलोकन किया तो ज्ञात हुआ कि रिकार्ड में दर्ज दो सरकारी जमीन दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक हैं। इन दोनों जमीनों के एवज में पट्टाधारक द्वारा केसीसी लोन ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जमीन खरीदी करने वाले दोनों व्यक्ति दूसरे जिले के है।

जिन्होने यहां आकर पटवारी के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन को निजी बनाकर जमीन की खरीदी की। नायब तहसीलदार की जांच को आगे बढ़ाते हुए एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर अजीत वसंत के समक्ष प्रस्तुत किया। जिस पर कलेक्टर ने जमीन अफरा-तफरी के गंभीर मामले में पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े के इस मामले में जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में लिप्त अन्य लोगों के विरूद्ध भी कार्रवाई होने की उम्मींद है।