Special Story

सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

RTE में बदलाव को लेकर पैरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले गरीब बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है. छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार गरीब बच्चों से शिक्षा का हक छीन रही है. उन्होंने आरटीई कानून में किए गए बदलावों को ‘असंवैधानिक’ करार दिया है.

सीटों में भारी कटौती: 53 हजार से सीधे 19 हजार पर सिमटा आंकड़ा

क्रिष्टोफर पॉल के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को आरटीई कानून में किए गए बदलावों का सीधा असर गरीब बच्चों की सीटों पर पड़ा है. पिछले साल (2025-26) जहां 53,023 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिला था, वहीं नए नियमों के चलते शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल 19,495 सीटों पर ही प्रवेश मिल पाएगा.

पैरेंट्स एसोसिएशन ने उठाए गंभीर सवाल

पॉल का कहना है कि सरकार अब गरीब बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने से पीछे हट रही है. उन्होंने स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि:

  • आरटीई कानून में किए गए बदलावों को तत्काल निरस्त किया जाए.
  • पुराने प्रावधानों के अनुरूप ही बच्चों को प्रवेश दिया जाए. सरकार इस दिशा में एक स्थायी आदेश जारी करे.

“भाजपा सरकार की मंशा पर संदेह”

पॉल ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनवरी में दो बार पत्र लिखने के बावजूद शासन ने कोई ध्यान नहीं दिया और आरटीई पोर्टल पर कम सीटों के साथ प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी. उन्होंने इसे मूल कानून की भावना के खिलाफ बताया है. 

उन्होंने कहा कि आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों की 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं. सीटों में इस बड़ी कटौती से हजारों परिवार प्रभावित होंगे.