Special Story

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सुरक्षाबल की सक्रियता से दहशत, झीरम घाटी हमले को अंजाम देने वाले दरभा डिवीजन से जुड़े नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण…

जगदलपुर। नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुए मुठभेड़ से नक्सली सकते में हैं. इसका परिणाम है कि वर्ष 2013 में झीरम घाटी हमले को अंजाम देने वाले दरभा डिवीजन के चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इनमें से एक माओवादी पांडु पर एक लाख रुपए का इनाम था.

आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी दरभा डिवीजन के कांगेर नेशनल पार्क एरिया कमेटी के सदस्य हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक महिला माओवादी भी शामिल है. बस्तर पुलिस अधीक्षक सलभ सिन्हा ने इन्हें आत्मसमर्पण योजना के तहत लाभ और प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है.

दरभा डिवीजन 2005 से 2015 तक नक्सली गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, लेकिन 2016 के बाद से इसमें गिरावट आई है. वरिष्ठ नक्सली नेताओं के मारे जाने और आत्मसमर्पण के कारण क्षेत्र के अधिकांश नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिससे नक्सली गतिविधियों में कमी आई है.