Special Story

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

नए डीजीपी के लिए यूपीएससी को भेजा गया तीन नामों का पैनल, अरुण देव गौतम, पवन देव और हिमांशु गुप्ता के नाम शामिल

रायपुर।    डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल 5 फरवरी को खत्म हो रहा है. नए डीजीपी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन नामों का पैनल यूपीएससी को भेज दिया है. इन नामों में 1992 बैच के आईपीएस पवन देव और अरुण देव गौतम तथा 1994 बैच के आईपीएस हिमांशु गुप्ता का नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि डीजीपी की दौड़ के लिए पांच अफसरों का पैनल बनाया गया था. एसआरपी कल्लूरी और प्रदीप गुप्ता का नाम भी पैनल में रखा गया था, लेकिन यूपीएससी को भेजे गए पैनल में केवल तीन नाम ही रखे गए हैं.

गौरतलब है कि बतौर डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल जुलाई 2024 में खत्म हो रहा था, लेकिन उनके रिटायरमेंट के ठीक पहले केंद्र सरकार ने उन्हें छह महीने के लिए एक्सटेंशन दे दिया था. एक्सटेंशन के लिए पहले नए डीजीपी के लिए जिन नामों पर सर्वाधिक चर्चा थी, उन नामों में अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता के नाम थे, लेकिन ऐन वक्त पर सब कुछ बदल गया. अब जब जुनेजा का एक्सटेंशन खत्म हो रहा है, ऐसे में नए डीजीपी के चेहरे की खोजबीन तेज हो गई है. राज्य सरकार ने जिन तीन नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा हैं, इनमें से एक नाम अशोक जुनेजा के रिटायरमेंट के ठीक एक दिन पहले तक घोषित कर दिए जाएंगे.

पवन देव मजबूत दावेदार बन कर उभरे

अशोक जुनेजा का कार्यकाल बढ़ाये जाने के केंद्र के फैसले के बाद राज्य में तस्वीर भी तेजी से बदल गई. जुलाई महीने में अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता प्रमोट हो गए थे, लेकिन एक पुराने केस के चलते पवन देव का प्रमोशन लिफाफे में बंद हो गया. बीते अक्टूबर महीने में पवन देव को क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ चल रही जांच की फाइल सरकार ने बंद कर दी. सरकार के इस फैसले के बाद पवन देव डीजीपी की दौड़ में शामिल हो गए. पवन देव एक मजबूत दावेदार बनकर उभर गए हैं.