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छत्तीसगढ़ में भी FSNL के निजीकरण का विरोध: देश भर में संचालित युनिटों के 13 यूनियन लीडर्स ने की बैठक

दुर्ग। भारत सरकार के उपक्रम फेरो स्क्रेप निगम लिमिटेड (FSNL) के निजीकरण को लेकर एक बार फिर लामबंद होते हुए अब देश भर के सभी सयंत्रों में यूनियन के नेताओ ने हड़ताल करने का एलान कर दिया है। यह सूचना भी केंद्रीय श्रम आयुक्त को यूनियन नेताओ ने दे दी है, लेकिन इससे पहले ही उन्हें रोकने की कोशिश शुरू हो चुकी है। केंद्रीय श्रम आयुक्त को हड़ताल करने की सूचना देने के बाद आज रायपुर से सेंट्रल डिप्टी लेबर कमिश्नर भिलाई स्थित फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड के ऑफिस पहुँचे और सभी 13 यूनियन के लीडरों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना, लेकिन इस दौरान FSNL के प्रबंधक इस चर्चा में शामिल नहीं हुए।

बता दें कि इस बैठक में पूरे देश भर में संचालित FSNL के 9 युनिटों के 13 यूनियन लीडर्स ने भाग लिया। बैठक में भाग लेने के बाद यहां फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भिलाई यूनियन के अध्यक्ष अरुण सिसोदिया ने बताया कि फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड भारत सरकार का एक उपक्रम है। यह कंपनी 1979 से प्रॉफिट विनिंग कंपनी के रूप में काम करती आ रही है। देश में जहां जहां भी सेल के स्टील प्लांट हैं, वहां FSNL स्क्रैप मैनेजमेंट और रिसाईकलिंग का काम कर रहा है। भारत सरकार पिछले कुछ समय से इसका निजीकरण कर स्क्रैप चोरी को बढ़वा देना चाहती है। जिसका सभी लंबे समय से विरोध कर रहें हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि इसे बेच दिया जाए या ऐसे लोगों को दे दिया जाए जो कहीं ना कहीं स्क्रैप माफिया के रूप में काम कर रहे हैं। उनका यूनियन FSNL के कर्मचारियों के साथ यह अन्याय होने नहीं देगा। इसको लेकर देश भर में सक्रिय FSNL के यूनियन नेताओं ने हड़ताल पर जाने का नोटिस दिया है। अभी प्रबंधन से चर्चा चल रही है। यदि मांगे नहीं मानी गईं तो हड़ताल आगे जारी रहेगी।

FSNL में 500 परमानेंट और 4000 कांट्रैक्ट लेबर

पश्चिम बंगाल से आए यूनियन नेताओं ने बताया कि FSNL में 500 परमानेंट और 4000 कांट्रैक्ट लेबर देशभर में काम कर रहे हैं। निजीकरण के कारण इन सभी कर्मचारियों को बेरोजगार होना पड़ेगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि देशभर में FSNL के सभी कार्यालयों के यूनियन नेताओं ने भिलाई पहुंचकर इस मुद्दे पर चर्चा की है।

भिलाई में आयोजित बैठक में प्रभात चटर्जी (अध्यक्ष, डीएफएसएनएलपीईयू दुर्गापुर), रंजीत शर्मा (एफएसएनएल दुर्गापुर), एसके मंडल (दुर्गापुर), हरधन साईं (दुर्गापुर), जगबंधु रुइदास (एफएसएनएल दुर्गापुर), एसएस नायक (जनरल सेक्रेटरी, आरएमएस राउरकेला), निरुपानंद नायक (एफएसएनएल राउरकेला), हरजीत सिंह (अध्यक्ष, एफएसएनपीईयू बर्नपुर), एसएन मरांडी (एफएसएनएल बर्नपुर), राजशेखर (अध्यक्ष, एफएसईयू विजाग), एम अम्मी रेड्डी (एफएसएनएल विजाग), अशोक कु. सिन्हा (महासचिव, बीआईटीयू बोकारो), आरपी शर्मा (एफएसएनएल बोकारो), सुनीत सिंह (एफएसएनएल भिलाई), मोहम्मद तनवीर (एफएसएनएल भिलाई) और अरुण सिसोदिया (अध्यक्ष, एफएसडब्ल्यूयू भिलाई) शामिल थे।