Special Story

बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

ShivApr 4, 20252 min read

खैरागढ़।  बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता,…

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

ShivApr 4, 20253 min read

रायपुर।   छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी…

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

ShivApr 4, 20252 min read

कोरबा। ऊर्जाधानी में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम ही…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

ShivApr 4, 20251 min read

रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर…

April 4, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

ओपन स्कूल के नतीजें जारी, 14 हजार छात्रों को फर्स्ट डिवीजन

रायपुर। सीजी बोर्ड के नतीजों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल परीक्षा के नतीजे भी जारी हो गए हैं। दसवीं में 54.39 प्रतिशत और बारहवीं में 66.03 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। रिजल्ट में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। पिछली बार की तुलना में दसवीं का रिजल्ट 0.30 और बारहवीं का 0.57 फीसदी बढ़ा है।

इसी तरह दसवीं में 5551 और बारहवीं में 8622 यानी दोनों कक्षाओं में कुल 14173 छात्र 60 प्रतिशत से ज्यादा नंबर हासिल करने में कामयाब रहे हैं, इन्हें फर्स्ट डिवीजन मिला है।

दसवीं में 38 हज़ार छात्र हुए थे शामिल

दसवीं की परीक्षा में इस बार कुल 38405 छात्र शामिल थे। इसमें 38396 छात्रों के नतीजे घोषित किए गए। कुल 20884 छात्र पास हुए है। इस बार 5551 (14.45%) छात्र फर्स्ट, 8438 (21.97%) सेकंड और 6750 (17.50%) थर्ड डिवीजन से पास हुए। 145 छात्र पास श्रेणी से उत्तीर्ण हुए है। 9 छात्रों के रिजल्ट रोके गए हैं, इनमें 4 नकल प्रकरण शामिल है।

बारहवीं 52 हज़ार छात्रों ने दी परीक्षा

इसी तरह बारहवीं की परीक्षा 52982 छात्रों ने दी। इसमें से 49285 छात्रों के रिजल्ट जारी किए गए। 32543 पास हुए हैं। इसमें 8622 (17.49%) प्रथम श्रेणी, 12879 (26.13%) द्वितीय और 10364 (21.02%) तृतीय श्रेणी से पास हुए। 678 को पासिंग नंबर मिला। 13 छात्रों के रिजल्ट रोके गए हैं। इसमें 7 के नतीजे नकल प्रकरण की वजह से रोके गए हैं। गौरतलब है कि ओपन स्कूल की परीक्षा 9 मार्च से 6 अप्रैल तक हुई थी।

छह वर्षों में 10वीं का रिजल्ट बढ़ा, फिर भी 40% से अधिक फेल

दसवीं का रिजल्ट लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2019 में 49.67 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। जो 2024 में बढ़कर 54.39 फीसदी हो गया। इस तरह से छह वर्षों में रिजल्ट 4.72 फीसदी बढ़ा है। इसी तरह 2019 में बारहवीं में 54.70 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। इस बार रिजल्ट 66.03 फीसदी है।

यानी छह वर्षों में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, कोरोना काल 2020 और 2021 में छात्रों ने घर से परीक्षा दी थी, उक्त दोनों वर्ष दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट 88 प्रतिशत से अधिक था।

परीक्षा देने वाले छात्र अधिक, लेकिन छात्राएं ज्यादा पास

ओपन स्कूल की परीक्षा छात्रों की संख्या अधिक रही, लेकिन छात्राएं ज्यादा संख्या में पास हुई हैं। दसवीं की परीक्षा 22472 छात्र और 15933 छात्राओं ने दी। कुल रिजल्ट 54.39 फीसदी रहा। इसमें 56.16 प्रतिशत छात्राएं और 53.13 छात्र पास हुए हैं। इसी तरह बारहवीं की परीक्षा में 28365 ब्याएज और 24617 गर्ल्स शामिल हुईं। रिजल्ट 66.03 फीसदी था। इसमें 67.37 प्रतिशत छात्राएं और 64.88 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं।