विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर बटालियन परिसर में पूजा एवं हवन का किया गया आयोजन
सुकमा। भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर विश्वकर्मा पूजा एवं हवन का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ बटालियन परिसर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व गोपाल कुमार गुप्ता, कमांडेंट 227 बटालियन, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने किया। इस अवसर पर शशि कांत राय, उपकमांडेंट तथा कमलेश साहू, सहायक कमांडेंट भी मौजूद रहे। बटालियन के सभी अधीनस्थ अधिकारी और जवानों ने पूरी श्रद्धा से भाग लिया।
227 बटालियन, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), टोंगपाल (सुकमा, छत्तीसगढ़) जो अति संवेदनशील एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात है, लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में सफल रही है। इस सफलता का मुख्य आधार जवानों का ऊँचा मनोबल और उनकी अदम्य निष्ठा है। बल में होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मनोबल को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
इस आयोजन में स्थानीय क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों ने भी उपस्थिति दर्ज की, जिनमें बैंक प्रबंधक, एस.डी.ओ. सहित अन्य अधिकारी, ग्रामीण एवं मीडिया कर्मी शामिल रहे। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया और यह संदेश गया कि सुरक्षा बल और आम जनता मिलकर क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण कायम रखे हुए हैं।
पूजा के अंतर्गत पारंपरिक विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की आराधना की गई तथा सभी वाहनों की भी विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। वाहनों को बल की संचालन क्षमता की जीवन रेखा माना जाता है, इसलिए उनकी सुरक्षा और शुभकामना हेतु यह विशेष अनुष्ठान किया गया। पूजा उपरांत सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया और तत्पश्चात भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें जवानों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया।
अपने संबोधन में कमांडेंट गोपाल कुमार गुप्ता ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल हमारे जीवन में आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि जवानों के मनोबल को ऊँचा करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि “जब जवानों का मनोबल ऊँचा रहता है, तो वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।”
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच इस प्रकार का सफल आयोजन न केवल जवानों की दृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को भी महत्व देती है।
227 बटालियन, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) आगे भी ऐसे आयोजनों से जवानों में भाईचारा, एकजुटता और कर्तव्यपरायणता की भावना को और सुदृढ़ करती रहेगी। जिस क्षेत्र में शांति सुरक्षा तथा सद्भभाव की भावना मजबूत होती रहेगी।







