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बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर यूनिसेफ, एनएसएस और यंग इंडिया का कलिंगा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय में मंगलवार को ओपन माइक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, संगीत और अभिनय के माध्यम से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, देशभक्ति, संघर्ष और उपलब्धियों को अभिव्यक्त किया। बिहेवियर क्लब यूनिसेफ, एनएसएस और यंग इंडिया के संयुक्त आयोजन में सेवानिवृत्त आईजी सुशील द्विवेदी मुख्य अतिथि थे, यूनिसेफ के अभिषेक सिंह और यंग इंडिया के कवित पसारी प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक रहे।

प्रतियोगिता को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुशील द्विवेदी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बचपन को याद किया और बताया कि जीवन में कुछ भी संभव है। वर्तमान को देखकर भविष्य की कल्पना नहीं करना है, लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयास करना है। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग भी उम्मीद से कई गुना बेहतर परिणाम देता है इसलिए अभाव को बाधा नहीं समझना है। अभिव्यक्ति के कई माध्यम हैं, इसलिए अपनी विधा को पहचानें और किसी भी विषय पर खुद को अभिव्यक्त करने के लिए तत्पर रहें। अभिषेक सिंह ने कहा- विद्यार्थियों में अध्ययन के साथ-साथ कलात्मक रुचि प्रतिभा को निखारने में मदद करता है, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भी यही है। प्रतिभागियों को विषय की गहरी समझ होने से वो मंच पर विषय की महत्ता साबित करते हैं, इस तरह की अभिव्यक्ति ही प्रतियोगिता में बेहतर स्थान हासिल करती है। कवित पसारी ने कहा कि युवाओं को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ना, कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ नई तकनीक सीखाने के उद्देश्य से यंग इंडिया लगातार इस तरह की प्रतियोगिता कराता है, विद्यार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम सफल होता है लेकिन यह केवल प्रतियोगिता तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि इनकी अभिव्यक्ति से समाज भी निर्धारित विषयों पर गंभीर होकर विचार करता है। मानसिक स्वास्थ्य संवेदनशील विषय है, जिस पर विद्यार्थियों की दिलचस्पी यह साबित करता है कि हमें शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सचेत रहने की आवश्यकता है।

प्रतियोगिता में कुल 38 प्रतिभागियों ने भाग लिया, सभी को अपनी विधा में अभिव्यक्ति के लिए 5 मिनट का समय दिया गया। प्रथम विजेता साक्षी गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए भारत में किए जा रहे प्रयासों, अनुसंधानों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्यगत सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को उदाहरण देकर प्रस्तुत किया। द्वितीय विजेता सुयश प्रत्युश ने एमएस धोनी फिल्म का गाना- बेसब्रियां… पर लयबद्ध प्रस्तुति दी और कार्यक्रम में समां बांधा। तृतीय विजेता आदित्य चौबे ने बॉलीवुड गानों का मैशअप सुनाया, इस मनोरम प्रस्तुति को दर्शकों ने खुब सराहा। कार्यक्रम का संचालन थाबो महोलेला और पूर्वा लहरे ने किया। बिहेवियर क्लब संयोजक तुहिना चौबे, यंग इंडिया संयोजक डॉ. योगेश वैष्णव, एनएसएस संयोजक डॉ. हर्षा शर्मा इस कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक रहे। विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजीव यादव, डॉ. सुनील टाइगर, जेसिका मिंज, डॉ. विभुति कश्यप, सुमिरा मदान व अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।