माता भगवती देवी शर्मा के महाप्रयाण दिवस पर गायत्री परिवार का एक दिवसीय जन्मशताब्दी संभागीय युवा कार्यशाला रायपुर में संपन्न
रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दि एवं संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा प्रज्जवलित अखण्ड ज्योति व तपसाधना की शताब्दि वर्ष 2026 में है। जनशताब्दी आयोजन की पूर्व तैयारी हेतु गायत्री परिवार द्वारा देश के अलग-अलग संभागों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्ति पीठ में माताजी के महाप्रयाण दिवस 07 सितम्बर रविवार को प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के मार्गदर्शन में रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार एवं दुर्ग जिले के सक्रिय युवा परिजनों का एक दिवसीय जन्मशताब्दि संभागीय युवा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 1000 से अधिक युवा कार्यकर्ता उपस्थित हुए। मंच पर मुख्य रुप से शांतिकुज प्रतिनिधी सुखदेव निर्मलकर, छ.ग. की जोन समन्वयक आदर्श वर्मा, गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्याम बैस, उपजोन समन्वयक सी.पी.साहू, जिला समन्वयक लच्छूराम निषाद, टीकम साहू एवं मुख्य वक्ता के रुप में प्रांतीय युवा संयोजक ओ.पी. राठौर, प्रांतीय सह संयोजक सुरेन्द्र गुप्ता, डी.आर चौहान, चंपेश्वर साहू, नारी जागरण की प्रांतीय संयोजक डॉ कुन्ती साहू उपस्थित थे। वक्ताओं ने शांतिकुंज चिंतन शिविर की संक्षिप्त जानकारी, शताब्दि के स्वर्णिम पल में दायित्व, युग निर्माण प्रदेश की अवधारणा एवं हमारी जिम्मेदारी, सामूहिक शक्ति का उद्भव क्यों और कैसे, सृजन की देवी कौन और क्या है उसका दायित्व, रचनात्मक आंदोलन से झलकती विचार क्रांति अभियान विषय पर वक्तव्य दिया।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन मुख्य रुप से जन्मशताब्दि वर्ष के पूर्व गायत्री परिवार के युवाओं को संघटित रखते हुए उनके माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में परम पूज्य गुरुदेव के विचारों को एवं गायत्री परिवार के सप्त सूत्रीय आंदोलन – शिक्षा, स्वास्थ्य, नारी जागरण, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण, व्यसनमुक्ति, और साधना को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने हेतु किया गया था।
रायपुर युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री आशीष राय ने बताया कि गायत्री परिवार द्वारा चलाये गये आंदोलन समाज और व्यक्ति के नैतिक, बौद्धिक और सामाजिक सुधार के लक्ष्य से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य एक बेहतर समाज का निर्माण और हर मनुष्य में देवत्व का संचार करना है, इसकी नैतिक जिम्मेदारी युवाओं के उपर है। माधुरी साहू ने परम पूज्य आचार्य जी के सतसंकल्पों का पाठ करते हुए युवओं को संकल्प दिलाया कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है इस विश्वास के आधार पर हमारी मान्यता है कि हम उत्कृष्ट बनेंगे और दूसरों को श्रेष्ठ बनायेंगे तो यह युग अवश्य बदलेगा। मंच का संचालन पुरषोत्तम यादव, कुलदीप भारती, मोहनी साहू, रुकमणी बंछोर, भरत साहू ने किया।
शांतिकुंज प्रतिनिधी सुखदेव निर्मलकर ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से आह्वान किया कि जिस तरह से दंतेवाड़ा जिला में अत्यधिक वर्षा के कारण अनेक परिवार का जनजीवन प्रभावित हुआ है और गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा तत्समय ही उस क्षेत्र में पहुंचकर जरुरमंदों को दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री एवं भोजन सामग्री का राहत किट यथाशीघ्र बनाकर प्रदान किया गया उसी तरह यदि किसी भी क्षेत्र में आपदा की स्थिति निर्मित होती है तो उस क्षेत्र के आसपास के गायत्री परिवार के युवा कार्यकर्ता ऐसी विपदा में मदद के लिये जाने हेतु कमर कसकर तैयार खड़े रहे। युवाओं में सेवा का भाव होना सदैव जागृत रहना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित परिजनों एवं युवा कार्यकर्ताओं ने माताजी को भावभरी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं जन्मशताब्दी की कार्य-योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु संकल्पित हुय। रायपुर जिला समन्वयक लच्छूराम निषाद द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर के युवा कार्यकर्ता महेन्द्र वर्मा, पीताम्बर साहू, मृत्यंजय, प्रवीण साहू, खोमन साहू, जितेन्द्र, निष्ठा, हंसराम, श्रद्धा, मेघा, दीक्षा, उमेश का विशेष सहयोग रहा।








