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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गड़बड़ियों की गूंज, महेंद्र कर्मा यूनिवर्सिटी भर्ती पर भी उठा सवाल

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में गड़बड़ियों की गूंज साफ सुनाई दी। जहां राजस्व निरीक्षक भर्ती घोटाले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में की गई नियुक्तियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

प्रश्नकाल के दौरान अजय चंद्राकर ने विश्वविद्यालय में सेटअप अनुसार शैक्षणिक पदों की भर्ती, आरक्षण रोस्टर के पालन, और शिकायतों की स्थिति को लेकर प्रश्न पूछे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि विश्वविद्यालय में 59 शैक्षणिक पदों के लिए – प्राध्यापक (10), सह प्राध्यापक (19), और सहायक प्राध्यापक (30) की भर्ती हेतु 5 अक्टूबर 2023 को विज्ञापन जारी किया गया था। इनमें से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

लेकिन अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि इस भर्ती में भारी अनियमितता की गई है। उन्होंने कहा, “46, 54, 42, 48 वर्ष की आयु के अभ्यर्थियों का चयन कैसे किया गया, जबकि नियमों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु वालों की नियुक्ति नहीं की जा सकती?” उन्होंने सदन में मांग की कि सरकार तत्काल पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच की घोषणा करे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब देते हुए कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, और इसके संबंध में जांच समिति का गठन किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

पहले ही दिन सदन में लगातार उठ रहे गड़बड़ी के मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि मानसून सत्र सरकार के लिए चुनौतियों भरा होने वाला है। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायकों के तेवर ने साफ संकेत दे दिया है कि नियुक्तियों और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर सदन में लगातार आवाज बुलंद की जाएगी।