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बैंक राष्ट्रीयकरण के 56वें वर्षगांठ परआल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन, छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा“साइबर सुरक्षा और साइबर क्राइम” पर कार्यशाला का आयोजन

रायपुर।  आज 19 जुलाई 2025 को बैंकों की राष्ट्रीयकरण के 56 वे वर्षगाँठ के अवसर पर आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), छत्तीसगढ़ इकाई, एक उत्तरदायी ट्रेड यूनियन होने के नाते आज साइबर जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। आज के डिजिटल युग में साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं, जिनसे विशेषतः वरिष्ठ नागरिकों तथा महिलाओं सहित अनेक निर्दोष नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। इसी गंभीर परिप्रेक्ष्य में एवं परिसंघ की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, पुलिस विभाग के साइबर सेल के सहयोग से इस साइबर जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

संजय सिंह, डीएसपी क्राइम, रायपुर पुलिस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर AIBOC, छत्तीसगढ़ इकाई के राज्य सचिव वाई गोपालकृष्णा ने कहा कि जैसा कि सर्वविदित है कि बैंको का राष्ट्रीयकरण हमारे देश के अर्थव्यवस्था की उन्नति के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। पिछले पाँच दशकों से राष्ट्रीयकृत बैंको ने हमारे देश के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज बैंको में कुछ जमा पूंजी 140 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। पिछले वितीय वर्ष में सभी 12 राष्ट्रीयकृत बैंको ने लगातार लाभ कमाते आ रहे है। आइए, इस बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के संरक्षण और उन्हें मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रक्षा करने का, बैंकों के निजीकरण को परास्त करने का, आम जनता को बेहतर- त्वरित एवं उत्तम ग्राहक सेवा प्रदान करने का संकल्प लें। यदि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक मजबूत होंगे तो जीवंत अर्थव्यवस्था होगी, युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार के अवसर मिलेंगे, उत्पादकता बढ़ेगी और हमारी अर्थव्यवस्था का विकास होगा।

गोपालकृष्णा ने आगे कहा कि आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (AIBOC) एक उत्तरदायी ट्रेड यूनियन होने के नाते, देश में निरंतर बढ़ रही सायबर अपराध की घटनाओं और छत्तीसगढ़ राज्य के ग्राहकों और आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के लिए यह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा। उन्होंने ने दैनिक बैंकिंग लेन-देन में निरंतर बढ़ते सायबर अपराध से ग्राहकों और उपस्थित सदस्यों को अवगत कराते हुए पूरी सावधानी बरतने का आह्वान किया तथा समस्त ग्राहकों को बढ़ते सायबर अपराध से सावधानी बरतने के उपाय भी बताए।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में संजय सिंह, डीएसपी क्राइम, रायपुर पुलिस ने सायबर क्राईम से संबंधित विभिन्न तरीकों और अपराधों के संबंध में पुलिस की कार्यवाही को विस्तार से समझाते हुए ग्राहकों को जागरुक करने के साथ ही उनके धन की सुरक्षा के प्रति आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), जो की देश का सबसे बड़ा बैंक अधिकारी संघठन होने के नाते बैंक अधिकारीयों की प्रतिबद्धता की ओर इशारा करते हुए AIBOC के इस प्रयास को समय की मांग बताया और इस प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने ट्राई फोन धोखाधड़ी, सीमा शुल्क पर पार्सल पकड़ना, डिजीटल अरेस्ट, परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी, ट्रेडिंग से तुरंत अमीर बनाने का लालच देने आसान काम/ऑनलाईन जॉब का बड़ा मेहनताना देने का लालच देने, लॉटरी लगने, गलती से पैसा चले जाना, केवाईसी की अविधि समाप्त होना, उदारता से करों की वापसी आदि प्रलोभनों का विस्तार से चर्चा करते हुए इनसे बचने और इनसे प्राप्त कॉल और लिंक को अटेंड न करने का आह्वान किया। उन्होंने धमकियों से न डरने, और संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट चक्षु पोर्टल पर करने के लिए ग्राहकों को प्रेरित किया। उन्होंने ग्राहकों और स्टॉफ सदस्यों को आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ की पुलिस और बैंक प्रशासन और कर्मचारी, ग्राहकों के हित में लगातार काम कर रहा है और सायबर अपराध की रिपोर्ट राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाईन -1930, सायबर अपराध की रिपोर्ट www.cybercrime.gov.in अथवा report.fishing@sbi.co.in पर अवश्य करने का सुझाव दिया।

कार्यशाला में साइबर सेल के प्रधान आरक्षक चिंतामणि साहू, नितीश राजपूत, गणेश सिंह, उपस्थित रहे। और उन्होंने ने अपने तकनीकी सत्र में फिशिंग, डेटा चोरी, पासवर्ड सुरक्षा, सोशल मीडिया में सावधानियाँ और एथिकल हैकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

यह कार्यक्रम टीम AIBOC – छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य सचिव वाई गोपालकृष्ण के साथ अन्य पदाधिकारी रवि दुबे, प्रकाश चौहान, प्रवीण वर्मा, जय शर्मा, बी.के. शिंदे, नीलेश कुमार मंडावी, महेश खत्री शामिल थे और सभी पदाधिकारि उपस्थित थे।

इस अवसर पर, बड़ी संख्या में बैंक के ग्राहक, जिनसे विशेषतः वरिष्ठ नागरिक तथा महिलाओं, बैंक के स्टाफ सदस्य, पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी और मीडियाकर्मी उपस्थित थे। बैंक के ग्राहकों ने भी आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), को इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रसंशा की और इसे आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में AIBOC, छत्तीसगढ़ इकाई के राज्य सचिव वाई गोपालकृष्णा ने, प्रो. जे.एन. पांडेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचार्या को इस कार्यक्रम हेतु ऑडिटोरियम उपलब्ध करने हेतु आभार व्यक्त किया।