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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

नव वर्ष पर अपोलो हॉस्पिटल ने दिया मरीजों को नवीनतम तकनीक का उपहार, एआई तकनीक का लिया सहारा…

रायपुर। विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा हेतु अग्रणी संस्थान अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में छत्तीसगढ़ में पहली बार अपने मरीजों की समुचित देखभाल हेतु एक नई सुविधा एआई तकनीक आधारित रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम और दूसरी द्वारा विकसित अर्ली वार्निंग सिस्टम के साथ बेहतर रोगी सुरक्षा हेतु स्मार्ट बेड की शुरुआत की है. 

अपोलो हॉस्पिटल्स बिलासपुर संस्था प्रमुख अरनव राहा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि अपोलो समूह सदैव बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध रहा है, और इसी क्रम में मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य मॉनिटरिंग हेतु इस तकनीक को छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में आत्मसात किया है, जो कि मरीज के उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

उन्होंने आगे बताया कि इस तकनीक के माध्यम से मरीज के बिस्तर पर एक सेंसर लगाया जाता है जो कि मरीज के शरीर को कहीं भी स्पर्श नहीं करता और यह सेंसर एक छोटी मशीन से जुड़ा होता है. इसके द्वारा मरीज के रक्तचाप, spo2, पल्स, हार्ट रेट, तापमान आदि की निरंतर रूप से निगरानी की जाती है तथा किसी भी असामान्यता की जानकारी तत्काल ही संबंधित नर्सिंग, स्टेशन दूरस्थ सेंटर मॉनिटरिंग सिस्टम को तथा संबंधित शिक्षक चिकित्सक को प्रेषित हो जाती है और मरीज के समीपस्थ उपस्थित स्टाफ के द्वारा तुरंत ही मरीज को आवश्यक उपचार प्रदान कर दिया जाता है.

इस तकनीक से मरीज के उपरोक्त वर्णित पैरामीटर में होने वाले असामान्य परिवर्तन का तत्काल ही पता लगने से मरीजों को त्वरित उपचार कर उनके जीवन को बचाने में कारगर सिद्ध होता है.

छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम इस तकनीक अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर द्वारा आरंभ किया जा रहा है, तथा सभी संबंधित स्टाफ एवं चिकित्सकों को संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है, जिसका लाभ अंचल के सभी मरीजों को प्राप्त होगा. उन्होंने आगे बताया कि आरंभिक 10 बिस्तरों के परिणामों को देखने के उपरांत आगे भी इसके विस्तार की योजना बनाई जाएगी.