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तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

तहसीलदारों को पदोन्नति का मौका: डिप्टी कलेक्टर भर्ती में फिर लागू हुआ 50/50 फॉर्मूला

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान प्रशासनिक पदों पर भर्ती और…

March 10, 2026

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छत्तीसगढ़ में डंप हो रहा ओडिशा का धान : खरीदी शुरू होने से पहले एक हजार से ज्यादा बोरा धान जब्त, फूड ऑफिसर ने रोकी गाड़ी, छुड़ा ले गए राजस्व के अधिकारी …

गरियाबंद।     छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाला है. इससे पहले प्रशासन के सामने ओडिशा के धान की खपत को रोकने की चुनौती है. इससे निपटने कलेक्टर ने अभी से अपनी टीम को एक्टिव कर दिया है. लिहाजा आज मैनपुर एसडीएम पंकज डहरे ने अपनी टीम के साथ अमलीपदर तहसील के केकरा जोर में छापेमारी कर दो घरों से 420 पैकेट धान जब्त किया. इधर देवभोग राजस्व अमला ने भी ओडिशा से धान भरकर आ रही 3 पिकअप को खोकसरा सीमा में जब्त किया है. तीन वाहन में 160 बोरा धान था. बता दें कि राजस्व अमला अब तक 1000 से भी ज्यादा बोरा धान जब्त कर चुका है.

फूड ऑफिसर ने रोकी गाड़ी, छुड़ा ले गए राजस्व के अधिकारी

धान खरीदी व अवैध कारोबार पर नकेल का अधिकार फूड और मंडी को भी है, लेकिन धर पकड़ में राजस्व दाल नहीं गलने दे रहे. प्रत्यक्ष दर्शी के मुताबिक, आज नेशनल हाइवे पर झराबहाल बेयर हाउस इलाके में सुबह करीब 8 बजे फूड विभाग के अफसर ने धान से भरे पिकअप को रोका. कार्यवाही करते उससे पहले राजस्व के अफसरों की गाड़ी आ गई. कॉल में सीधी बात हुई और फूड इंस्पेक्टर के आंखों के सामने गाड़ी छुड़ा ले गए. अफसर बड़े थे इसलिए फूड इंस्पेक्टर मामले में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने मामले का वीडियो बना लिया है. अब बड़ा सवाल यह है कि झराबहाल के पास खाद्य विभाग द्वारा पकड़े गए इस पिकअप को आखिर राजस्व विभाग क्यों छुड़ा ले गई.

कलेक्टर की फटकार के बाद गिनती के वाहनों पर दिखाई दी कार्यवाही

घरों में अवैध रूप से भंडारित सैकड़ों बोरा धान देवभोग प्रशासन ने अब तक जब्त किया था, लेकिन आज पहली बार अवैध परिवहन में लगी पिकअप पकड़ाई. ये कार्यवाही कलेक्टर दीपक अग्रवाल की सख्ती के बाद हुई है. सूत्रों की माने तो ओडिशा सीमा के 4 प्रमुख मार्गों से रोजाना 20 वाहन 60 से भी ज्यादा खेप धान की सप्लाई में लगा है. इस मामले में पक्ष जानने देवभोग एसडीएम तुलसी दास को बार-बार कॉल किया गया पर वे कॉल रिसीव नहीं किए.