Special Story

पहाड़ियों में मिला नक्सलियों का बंकर, सोलर प्लेट और हथियार बनाने का सामान बरामद

पहाड़ियों में मिला नक्सलियों का बंकर, सोलर प्लेट और हथियार बनाने का सामान बरामद

ShivApr 19, 20251 min read

बीजापुर।    छत्तीसगढ़ में अब माओवादियों के खात्मे का काउंटडाउन…

वनमंत्री केदार कश्यप ने लघुवनोपज प्रसंस्करण केंद्र का किया अवलोकन

वनमंत्री केदार कश्यप ने लघुवनोपज प्रसंस्करण केंद्र का किया अवलोकन

ShivApr 19, 20251 min read

रायपुर।    प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने आज…

सुशासन तिहारः जनता से सरोकार, बहने लगी खुशियों की बयार

सुशासन तिहारः जनता से सरोकार, बहने लगी खुशियों की बयार

ShivApr 19, 20253 min read

रायपुर।    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में प्रदेश…

छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

ShivApr 19, 20251 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती गर्मी के बीच लोगों को राहत…

April 19, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला : CMHO ने जांच के लिए गठित की चार विशेषज्ञों की टीम, रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई, जानिए क्या है पूरा मामला

बिलासपुर। नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने चार विशेषज्ञों की जांच टीम गठित की है. टीम जांच कर CMHO को अपना रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. बता दें कि यूनिटी अस्पताल में इलाज के दौरान 21 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत हो गई थी, परिजनों ने एनेस्थीसिया देने के बाद हालत बिगड़ने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था. यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है.

क्या है पूरा मामला?

मुंगेली जिले के सिलदहा की रहने वाली 21 वर्षीय किरण वर्मा, शासकीय नर्सिंग कॉलेज लगरा में थर्ड ईयर की छात्रा थी. परिजनों ने बताया कि किरण को गले में थायराइड की गांठ की शिकायत थी. इलाज के लिए डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी. उन्हें सामान्य ऑपरेशन की जानकारी दी गई थी. इस पर 7 मार्च को परिजन किरण को लेकर यूनिटी हॉस्पिटल पहुंचे. सभी जरूरी टेस्ट के बाद उसे शाम को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया. जहां उसे एनेस्थेसिया देने के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई. वह झटके के साथ कोमा में चली गई. डॉक्टरों ने आनन-फानन में गले में छेद कर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया और उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजन को कोई जानकारी नहीं दी.

परिजनों का आरोप है कि दो दिन तक किरण को आईसीयू में रखा गया. इस दौरान न तो उससे मिलने दिया और न ही किसी तरह की जानकारी दी गई. फिर 10 मार्च की रात अचानक अस्पताल प्रबंधन ने परिजन को बुलाकर किरण की मौत की सूचना दी. इससे परिजन भड़क गए और अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया.

जांच के लिए विशेष टीम गठित

इस मामले में जिला चिकित्सा अधिकारी प्रमोद तिवारी ने चार सदस्यीय टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी है. इस टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग होम एक्ट की निगरानी करने वाले अधिकारी शामिल हैं. यूनिटी अस्पताल के प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है, एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.