Special Story

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

अब नहीं लगा सकेंगे सार्वजनिक मार्ग और बिजली तारों के नीचे पंडाल

रायपुर/बिलासपुर। त्योहारों और आयोजनों के दौरान सार्वजनिक मार्गों पर पंडाल लगाने की परंपरा पर अब सख्ती होने जा रही है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान शासन ने स्पष्ट किया कि नई पॉलिसी जारी कर दी गई है। इसके तहत अब कोई भी संस्था, संगठन या व्यक्ति बिना अनुमति सड़कों, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और बिजली तारों के नीचे पंडाल या अस्थाई संरचना खड़ी नहीं कर सकेगा।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ के समक्ष शासन की ओर से बताया गया कि 25 अगस्त 2025 को नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत नई नीति लागू की गई है।

छोटी और बड़ी संरचनाओं के लिए अलग नियम

शासन ने दिशा-निर्देश दो श्रेणियों में बांटे हैं:

पांच हजार वर्ग फीट से छोटे पंडाल/अस्थाई संरचना (अधिकतम 500 लोग):

स्थानीय निकाय से अनुमति अनिवार्य।

मुख्य मार्गों पर अनुमति नहीं मिलेगी, वैकल्पिक मार्ग तय होगा।

बिजली तारों के नीचे पंडाल नहीं बनेंगे।

अग्निरोधी सामग्री का उपयोग होगा।

आयोजक समिति सफाई की जिम्मेदारी लेगी।

पांच हजार वर्ग फीट से बड़े पंडाल/अस्थाई संरचना (500 से अधिक लोग):

एडीएम, थाना प्रभारी, बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड से एनओसी जरूरी।

अनुमति शुल्क जमा करना अनिवार्य।

जनरेटर बैकअप की व्यवस्था करनी होगी।

नजदीकी भवन से कम से कम 15 फीट दूरी रखनी होगी।

गणेश उत्सव से होगी पहली टेस्टिंग

याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि इस नीति का पहला परीक्षण गणेश विसर्जन के दौरान होगा। वहीं शासन ने दुर्गा पूजा के बाद मामले की अगली सुनवाई करने का अनुरोध किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

नई पॉलिसी लागू होने के बाद आयोजकों को अब पंडाल लगाने से पहले कई नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। इससे जहां सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा, वहीं यातायात और सार्वजनिक सुविधा पर भी असर नहीं पड़ेगा।